तेलियामुरा : त्रिपुरा में नाकाबंदी स्थल पर उस समय तनाव बढ़ गया, जब एक बीमार मरीज को कथित तौर पर नाकाबंदी के एक छोर से दूसरे छोर तक पैदल ले जाया गया। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई और दोनों पक्षों में झड़प की भी खबर सामने आई।
घटना की सूचना मिलने के बाद जिरानिया सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर तनाव कम करने की कोशिश की।
हालांकि, आंदोलन के संयुक्त संयोजक और आत्मसमर्पण कर चुके NLFT कैडर प्रसंजीत देबबर्मा ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान SDPO ने प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए बांस के बैरिकेड को कथित तौर पर हटा दिया।
बैरिकेड हटाने के बाद बढ़ा विवाद
देबबर्मा का आरोप है कि बैरिकेड हटाए जाने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कथित तौर पर हाथापाई भी हुई।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हालात बिगड़ने के बाद SDPO सुधीर कुमार वहां से चले गए। घटना के बाद नाकाबंदी स्थल पर तनाव और बढ़ गया।
स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर चिंता
इस घटना ने लंबे समय तक नाकाबंदी जारी रहने की स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की पहुंच को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
सवाल उठ रहे हैं कि यदि प्रमुख रास्ते लंबे समय तक बाधित रहते हैं तो गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और अन्य मेडिकल इमरजेंसी से निपटने की व्यवस्था कैसे की जाएगी।
ताजा झड़प के बाद नाकाबंदी स्थल पर तनाव बरकरार है। प्रशासन कथित तौर पर स्थिति सामान्य करने और आगे किसी भी तरह के टकराव को रोकने के लिए प्रयास कर रहा है। मामले में आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है।
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