उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जिसमें पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव को क्लीन चिट देते हुए आरोपी नहीं बताया है। तीनों को पुलिस को इस मामले में सरकारी गवाह बनाया है।

चार्जशीट में 133 गवाह, 400 पेज के आरोपपत्र और 101 केस डायरी

इस संदर्भ में पुलिस ने चार्जशीट में 133 गवाहों का जिक्र करते हुए 400 पेज के आरोपपत्र और 101 केस डायरी के पर्चे भी शामिल की हैं। पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में चढ़ावे के पैसों की चोरी की घटना से लेकर पुलिस कार्रवाई तक का पूरा घटनाक्रम दर्ज किय गया है। पुलिस की दाखिल की गई इस चार्जशीट के अनुसार, 3 जून को सबसे पहले अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा एवं लव कुश मिश्रा को चोरी करते पकड़ा गया था और उस दिन गणनाकर्मी मदन गोपाल निगम ने इन लोगों को नोटों की गड्डी छिपाते हुए देख लिया था।

चेकिंग के दौरान 2 लाख 25 हजार रुपये की चोरी पकड़ी

इसके अगले दिन 4 जून को भी चोरी की घटना हुई, जिसमें अविनाश शुक्ला को चोरी करते हुए गणनाकर्मी संत प्रसाद वर्मा ने देख लिया। इसके बाद गणनाकर्मी मदन गोपाल निगम एवं संत प्रसाद वर्मा की शिकायत पर गेट पर चेकिंग शुरू की गई। चेकिंग के दौरान अविनाश शुक्ला ने चोरी किए गए 2 लाख 25 हजार रुपये बाथरूम में छिपा दिए। जिसके बाद तलाशी के दौरान यह रकम बरामद कर ली गई।

चढ़ावा चोरी का सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा

पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, 4 जून की रात दिल्ली से ट्रेन के जरिए अयोध्या आ रहे चंपत राय को चोरी की जानकारी दी गई थी. उन्हें चोरी से जुड़े वीडियो भी भेजे गए थे. 5 जून को अयोध्या पहुंचने के बाद चंपत राय ने कारसेवकपुरम स्थित आवास पर अनिल मिश्रा और गोपाल राव के साथ बैठक की। इस बैठक में लैपटॉप पर चढ़ावा चोरी से जुड़े कई सीसीटीवी फुटेज दिखाए गए थे। पुलिस की चार्जशीट में कहा गया है कि चंपत राय ने ये सीसीटीवी फुटेज देखे थे। इसके बावजूद उन्होंने 7 जून को एक बयान जारी किया था।

चार्जशीट में पुलिस ने किया चंपत राय की बयान का जिक्र

इस संदर्भ में पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में चंपत राय के 7 जून के बयान का भी जिक्र किया गया है जिसमें चंपत राय ने कहा है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता है। इस काम में ट्रस्ट एवं भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ऑडिट का काम कई दिनों तक चलता है और उस समय भी यह प्रक्रिया चल रही थी। उनके बयान के अनुसार, तब तक कोई उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई थी।

चार्जशीट के मुताबिक 3 जून को हुई थी पहली बार चोरी

पुलिस चार्जशीट के अनुसार, 3 जून को पहली बार चोरी पकड़ी गई थी। 4 जून को चंपत राय को इसकी जानकारी हो गई थी। 5 जून को उन्हें चोरी के सीसीटीवी फुटेज भी दिखाए गए थे। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। इसके बाद एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दी गई। 25 जून 2026 को कृष्ण मोहन की तरफ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में एफआईआर दर्ज कराई गई।

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