Karnataka News: कर्नाटक सरकार ने भारत मंडपम की तर्ज पर 'कर्नाटक मंडपम' बनाने का ऐलान कर दिया है। इसके लिए कर्नाटक सरकार लैम्पस, जक्कूर, मैसूर, और एनजीईएफ परिसर जैसे विक्लपों को तलाश रही है। जिससे लोगों को यहां आवागमन करने में सुविधा हो। सीएम डी.के शिवकुमार ने कार्नाटक की प्रगति के लिए पर्यटन, बड़े आयोजनों और नए होटलों व बुनियादी ढांचों को बनाने की योजनाओं का बड़ा हिस्सा बताया है।
प्रस्तावित स्थानों में मेट्रो स्टेशन के आस-पास देखी जा रही जगह
कर्नाटक को एक बेहतर राज्य का दर्जा दिलाने के लिए सीएम डीके शिवकुमार लगातार कई बड़ी योजनाओं को लागू करने में जुटे हुए है। राज्य में जनता की भलाई सर्वोपरि है। कर्नाटक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीएम डीके शिवकुमार ने भारत मंडपम की तर्ज पर कर्नाटक मंडपम बनाने का ऐलान कर दिया है। सरकार जक्कू, लैम्प्स, मैसूर और NGEF परिसर में जगह देख रहे हैं।
प्रस्तावित योजना को धरातल पर उतारने के लिए ज्यादातर मेट्रो स्टेशन के आस-पास की जगह को देखा जा रहा है, क्योंकि सरकार इस प्रोजेक्ट के जरिए लोगों की सुविधा को सर्वोपरि रख रही, सरकार की मंशा है कि लोगों को भारत मंडपम पहुंचने में सुविधा होगी। सरकार राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा देना चाहती है। कर्नाटक सरकार सांस्कृतिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत को विश्व के सामने रखने पर जोर दे रही है।
विदेशी सैलानियों का होगा आगमन
विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने बेंगलुरू के पैलेस ग्राउंड्स में आयोजित पुरस्कार समारोह का उद्धाटन करते समय इसकी घोषणा की। क्योंकि कर्नाटक की संस्कृति देश विदेश तक पहले से ही चर्चित है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से पर्यटन के साथ-साथ रोजगार भी मिलेगा। त्योहारों के समय में कर्नाटक मंडपम में भारत मंडपम की तरह की फेयर लगेगा। जिससे यहां पर विदेशी सैलानियों का आवागमन भी बढ़ेगा।
कोडागु और मलनाड में ध्यान
सीएम डी.के शिवकुमार इस समय पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। कर्नाटक के कोडागु और मलनाड क्षेत्र में सीएम पर्यटन को बढ़ावा देने का खाका तैयार कर चुके हैं। सीएम नए प्रोजेक्टस को शुरु करने से पहले राज्य में पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति पर सभी का ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पर्यटन के जरिए सीएम राज्य की संपदा को विश्व के सामने पेश करने की तैयारी कर रहे हैं।
क्योंकि बेंगलुरु में 2 लाख से ज्यादा लोग विदेशी पासपोर्ट धारक का काम कर रहे है। ऐसे में सरकार नए होटलों को बनाने की संख्या में तेजी से बढ़ावा देगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत नए होटलों को 2 से 3 महीने में नए प्रोजेक्ट पर काम किया जाएगा।
समुद्री तट को बनाया जाएगा पर्यटन का आधार
सीएम डी.के शिवकुमार ने समारोह में कहा कि राज्य में 360 कि.मी लंबा समुद्री तट है। जिसे पर्यटन स्थल के तौर पर इसका प्रयोग करने पर भी फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से costal malnad Karnataka tourism policy-2026 पर भी मुहर लगाई जा चुकी है। जल्द ही इसके अंतर्गत तटीय और मलनाड इलाकों की सांस्कृतिक संपदा और प्राकृतिक संपदा का इस्तेमाल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काफी महत्वपूर्ण समाझा जाएगा।
केंद्र से भी मांगेगी कर्नाटक मदद
सीएम ने पर्यटन परियोजनाओं को इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस के तौर पर बड़ा रूप देने का फैसला लिया है। COASTAL REGULATION ZONE से जुड़े नियमों की वजह से अभी कुछ परेशानियां आ रही है। इसके लिए केंद्र से कर्नाटक सरकार मदद की गुहार लगाएगी। कर्नाटक सरकार की माने तो इसके लिए केरल और गोवा में लागू नीतियों का भी केंद्र के सामने हवाला दिया जाएगा।
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