Punjab News: पंजाब के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रों के हिंसक विरोध के बाद नियमित कक्षा 10 दिन के लिए सस्पेंड कर दी गई है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कथित बलात्कार की घटना में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया है। सीएम ने डीजीपी गौरव यादव को घटनास्थल का दौरा करने और स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया। पंजाब के सीएम ने एलपीयू मामले पर कड़ा रुख अपनाया है।
सीएम ने दिखाई सख्ती
मुख्यमंत्री भगवंत मान से फागवारा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में कथित बलात्कार की घटना को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद सख्त रूख अपनाते हुए पुलिस को निर्देश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा के साथ कथित बलात्कार की खबरें सोशल मीडिया पर फैलने के बाद रविवार को छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। ऐसे में एलपीयू प्रशासन ने सोमवार की सुबह स्थिति को संभालने के लिए 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी है।
क्या बोले पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक हरिंदर गिल ने मामले में जानकारी देते हुए कहा कि फिलहाल परिसर में कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहा है और पुलिस ने सभी गेटों पर बड़े पैमाने पर तैनाती की है। कल रात से स्थिति शांतिपूर्ण है। फिलहाल कोई विरोध प्रदर्शन या ऐसी कोई गतिविधि नहीं हो रही है। परिसर के सभी गेटों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक घटना में अभी जांच की जा रही है। अभी पुष्टि नहीं हुई है कि विश्वविद्यालय परिसर के अंदर किसी छात्रा के साथ बलात्कार हुआ है या नहीं, साथ ही आरोपियों की पहचान भी अभी तक नहीं हुई है। कई अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
2,000 से अधिक कर्मियों की तैनाती
पंजाब पुलिस ने एलपीयू में फ्लैग मार्च करा है। मामले में एडीजीपी फैयाज फारूकी ने जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,000 से ज्यादा कर्मियों की तैनाती की गई है। जालंधर पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह ने कहा कि छात्रावासों में हो रही गड़बड़ी की खबरें महज अफवाहें थीं और सभी छात्रावासों की जांच की जा चुकी है।
मध्यावधि परीक्षाएं अगली सूचना तक स्थगित कर दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने अपने गृहनगर जाने के इच्छुक छात्रों को अपने माता-पिता या अभिभावकों से परामर्श करने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है। विश्वविद्यालय ने छात्रों से शांत रहने और आधिकारिक द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक आवाजाही या अशांति से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने से बचने की अपील की है।
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