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महंगाई का झटका: केरल और राजस्थान में दूध हुआ महंगा, देखें नई कीमतें
Milk Price Hike: केरल की प्रमुख सहकारी डेयरी कंपनी KCMMF, जिसे आमतौर पर मिल्मा (Milma) के नाम से जाना जाता है, ने राज्य में दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला किया है।
Milk Price Hike: केरल की प्रमुख सहकारी डेयरी कंपनी KCMMF, जिसे आमतौर पर मिल्मा (Milma) के नाम से जाना जाता है, ने राज्य में दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि 1 जून से दूध 4 रुपये प्रति लीटर महंगा हो जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब डेयरी उद्योग लगातार बढ़ती लागत, उत्पादन में कमी और किसानों की आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है। वहीं राजस्थान में भी दूध उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगा है। JZDUSSL ने सरस दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो गुरुवार शाम से लागू हो गई है।
दूध के दाम बढ़ने से किसानों को होगा फायदा?
मिल्मा के निदेशक मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय में दूध उत्पादन, परिवहन, पैकेजिंग और वितरण की लागत में भारी वृद्धि हुई है। इसके अलावा डेयरी किसानों को भी उचित लाभ नहीं मिल पा रहा था, जिससे वे आर्थिक दबाव में आ गए थे। ऐसे में कीमत बढ़ाना कंपनी के लिए जरूरी हो गया था।
पशुओं की दूध देने की क्षमता प्रभावित
कंपनी के अनुसार, इस साल केरल के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और सूखे जैसी स्थिति बनी रही। इसका सीधा असर पशुओं के चारे और दूध उत्पादन पर पड़ा। गर्म मौसम के कारण पशुओं की दूध देने की क्षमता प्रभावित हुई,जिससे उत्पादन घटा और लागत बढ़ गई। डेयरी क्षेत्र से जुड़े किसानों को चारे, बिजली और पशुपालन से संबंधित अन्य खर्चों में भी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा।
पड़ोसी राज्यों से दूध खरीदना पड़ रगा महंगा
मिल्मा ने यह भी बताया कि राज्य में स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए अब पड़ोसी राज्यों से दूध खरीदना पड़ रहा है। बाहरी राज्यों से आने वाले दूध की कीमत पहले से अधिक हो चुकी है। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने परिवहन लागत को और बढ़ा दिया है। गांवों से शहरों तक दूध पहुंचाने और नियमित सप्लाई बनाए रखने में अब कंपनियों को अधिक खर्च उठाना पड़ रहा है।
लागत में वृद्धि को देकते हुए लिया गया फैसला
राजस्थान में भी डेयरी संचालन लागत में वृद्धि को देखते हुए सरस दूध की कीमतें बढ़ाई गई हैं। जयपुर डेयरी के प्रवक्ता के अनुसार डीजल, पेट्रोल, ऊर्जा, ट्रांसपोर्टेशन और पैकेजिंग सामग्री की लागत लगातार बढ़ रही है। केवल पैकेजिंग और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी से डेयरी पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा है। ऐसे में गुणवत्तायुक्त दूध और डेयरी उत्पादों की नियमित उपलब्धता बनाए रखने के लिए उपभोक्ता कीमतों में सीमित बढ़ोतरी आवश्यक हो गई थी।
दूध की बढ़ती कीमतों का असर लोगों के जेब पर
दूध की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। दूध हर घर की रोजमर्रा की जरूरत है और इसका इस्तेमाल चाय, कॉफी, मिठाई, दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों में होता है। ऐसे में दूध महंगा होने से अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। पहले से ही पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए यह बढ़ोतरी घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ साबित हो सकती है। खासकर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों को अपने मासिक खर्चों में बदलाव करना पड़ सकता है।
Written By: Geeta Sharma
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