असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को चुनावों में कांग्रेस की लगातार हार पर आत्मचिंतन करना चाहिए, बजाय इसके कि हर हार के बाद EVM या चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया जाए। 

'कांग्रेस को हार के कारणों का विश्लेषण करना चाहिए'

उन्होंने कहा कि 2014 में कांग्रेस उस समय भी चुनाव हार गई थी, जब चुनाव आयोग का नेतृत्व अलग था। उनके अनुसार, कांग्रेस को उन राज्यों में जाकर अपनी हार के कारणों का विश्लेषण करना चाहिए जहां उसे चुनावी नुकसान हुआ है।

SIR पर चुनाव आयोग के दावे

यह विवाद विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर और बढ़ा है। चुनाव आयोग ने 23 सितंबर को कहा था कि पिछले एक साल में आयोग द्वारा लिए गए सभी महत्वपूर्ण फैसले पूर्ण आयोग के सर्वसम्मत निर्णय थे। आयोग ने यह भी कहा कि सदस्यों द्वारा अलग-अलग सुझाव या टिप्पणियां आंतरिक विचार-विमर्श की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। दोनों अधिकारियों ने कुछ कदमों को लेकर प्रक्रिया और जानकारी साझा किए जाने पर सवाल उठाए थे।

विपक्ष के आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया

वहीं राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस समेत CPI, CPI(M), तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) ने CEC के इस्तीफे की मांग की है। दूसरी ओर, BJP और NDA नेताओं ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का समर्थन किया है।

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इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में बिहार में SIR की कानूनी वैधता को बरकरार रखते हुए इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने से जुड़ी प्रक्रिया बताया था। इसी कड़ी में हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी से लोगों के बीच कथित भ्रम के लिए माफी मांगने को कहा और INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।