देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच को लेकर उत्तराखंड पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए उत्तराखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेसन ने गुरुवार 15, अक्टूबर को बताया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और घटना के 24 घंटे के भीतर ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

हत्यारों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर किया गिरफ्तार

इस मामले के संदर्भ में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुरुगेसन ने कहा कि, "स्वर्गीय अंकिता भंडारी, जो लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 'वनतारा रिसॉर्ट' में काम करती थीं, उनके साथ हुई दुखद घटना के मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और 24 घंटे के भीतर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया; वे अभी भी जेल में हैं।"

SIT टीम गठित कर पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

उन्होंने कहा कि, "मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तुरंत एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच को पूरी तरह से और प्रभावी ढंग से संपन्न कराने के लिए, DIG रैंक की एक महिला IPS अधिकारी को SIT का प्रमुख नियुक्त किया गया।" उन्होंने बताया कि जांच के दौरान SIT ने डिजिटल, तकनीकी, फोरेंसिक और भौतिक साक्ष्यों को बहुत बारीकी से इकट्ठा किया। टीम ने आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की और फोरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयानों तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया।

88 दिनों में जांच कर 500 पन्नों का चार्जशीट किया दाखिल

इस संदर्भ में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुरुगेसन ने कहा कि SIT ने इस मामले में 88 दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली और अदालत में लगभग 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। इस​ मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों आरोपियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कठोर कारावास उम्रकैद की सजा सुनाई। तीनों दोषी फिलहाल जेल में अपनी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर 2022 को हुई थी और 24 सितंबर 2022 को चिल्ला नहर से उनका शव बरामद किया गया था।

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