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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
BC Khanduri Death: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन हो गया। बता दें, भुवन चंद्र खंडूरी के निधन से उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति और प्रशासनिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
BC Khanduri Death: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन हो गया। भुवन चंद्र खंडूरी के निधन से उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति और प्रशासनिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे खंडूरी ने देहरादून में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजनीति में साफ-सुथरी छवि वाले नेता थे खंडूरी
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी थे। उन्होंने सेना में लंबे समय तक सेवा देने के बाद राजनीति में कदम रखा और अपनी सादगी,अनुशासन तथा ईमानदार कार्यशैली से जनता के बीच अलग पहचान बनाई। वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे और उत्तराखंड की राजनीति में उन्हें एक मजबूत एवं साफ-सुथरी छवि वाले नेता के रूप में देखा जाता था।
बीसी खंडूरी का राजनीतिक सफर
खंडूरी पहली बार वर्ष 2007 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने मार्च 2007 से जून 2009 तक राज्य की कमान संभाली। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने प्रशासनिक सुधार, सड़क निर्माण और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए जाने जाते थे। हालांकि 2009 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के अपेक्षित प्रदर्शन न होने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते थे खंडूरी
इसके बाद वर्ष 2011 में उन्हें दोबारा उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया। सितंबर 2011 से मार्च 2012 तक उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। इस दौरान भी उन्होंने सुशासन और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया। 'खंडूरी है जरूरी' जैसा लोकप्रिय नारा उनकी ईमानदार और सख्त प्रशासनिक छवि का प्रतीक बन गया था।
सीएम धामी समेत अन्य नेताओं ने जताया दुख
उनके निधन पर पुष्कर सिंह धामी समेत कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खंडूरी जी का योगदान उत्तराखंड के विकास और सुशासन के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने उन्हें अनुशासित,कर्मठ और दूरदर्शी नेता बताया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने भी अपने पिता को भावुक शब्दों में श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उन्हें हमेशा ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाया।
जनता नम आंखों से खंडूरी को दी विदाई
भुवन चंद्र खंडूरी को उत्तराखंड में ऐसे नेता के रूप में याद किया जाएगा जिन्होंने राजनीति में स्वच्छता, पारदर्शिता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके निधन से उत्तराखंड ने एक मजबूत, ईमानदार और विकासवादी नेतृत्व खो दिया है। प्रदेश की जनता उन्हें नम आंखों से विदाई दे रही है और उनके योगदान को हमेशा याद रखेगी।
Written By: Geeta Sharma
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