नई दिल्ली: दिल्ली के सबसे चर्चित और व्यस्त बाजारों में शामिल कनॉट प्लेस में आने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी, घूमने और काम के सिलसिले में पहुंचते हैं। अब इन लोगों की पैदल आवाजाही को आसान बनाने के लिए नई व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। नई पहल का मुख्य उद्देश्य फुटपाथ और सार्वजनिक रास्तों को अतिक्रमण से मुक्त रखना है, ताकि लोगों को बाजार में चलते समय परेशानी न हो।

फुटपाथ और रास्तों पर रहेगी खास नजर

नई व्यवस्था के तहत कनॉट प्लेस और आसपास के व्यस्त इलाकों में अनधिकृत वेंडिंग और अतिक्रमण पर सख्ती की जा रही है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि फुटपाथ और पैदल चलने के लिए निर्धारित जगह पर दुकानदारों या रेहड़ी-पटरी वालों का कब्जा न हो।

कनॉट प्लेस के साथ जनपथ और पालिका बाजार जैसे इलाकों में भी सार्वजनिक जगहों को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है, इसलिए फुटपाथ खाली रहने से पैदल यात्रियों को ज्यादा जगह मिल सकेगी।

शाम के समय बढ़ती भीड़ को देखते हुए फैसला

कनॉट प्लेस में खासतौर पर शाम के समय लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। इसी दौरान फुटपाथ और सड़कों के किनारे अनधिकृत वेंडिंग के कारण पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से तय नियमों के बाहर होने वाली वेंडिंग पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, शाम 6:30 बजे के बाद अनधिकृत वेंडिंग के खिलाफ कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य बाजार के व्यस्त समय में पैदल यात्रियों के लिए रास्ता सुगम बनाए रखना है।

कनॉट प्लेस के साथ इन इलाकों पर भी नजर

इस अभियान का असर कनॉट प्लेस के आसपास के कई प्रमुख हिस्सों में दिखाई देगा। रीगल, रिवोली, हनुमान मंदिर और गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास भी अतिक्रमण और अनधिकृत वेंडिंग पर नजर रखने की व्यवस्था की जा रही है।

कनॉट प्लेस दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक और पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां खरीदारी और खाने-पीने के लिए आने वाले लोगों के अलावा रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी और पर्यटक भी पहुंचते हैं। ऐसे में पैदल रास्तों को खाली रखने की व्यवस्था सीधे तौर पर लोगों की आवाजाही से जुड़ी है।

क्यों अहम है यह फैसला?

कनॉट प्लेस में दुकानों, बाजार, रेस्तरां और सार्वजनिक परिवहन के कारण लगातार लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में फुटपाथ पर अतिक्रमण होने से पैदल यात्रियों को कई बार सड़क की ओर जाना पड़ता है, जिससे भीड़ और यातायात दोनों प्रभावित होते हैं।

NDMC की इस कार्रवाई का फोकस सार्वजनिक जगहों को व्यवस्थित रखने और पैदल यात्रियों के लिए रास्ता उपलब्ध कराने पर है। आने वाले दिनों में अभियान कितना प्रभावी रहता है, यह जमीनी स्तर पर कार्रवाई और नियमों के पालन पर निर्भर करेगा।

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