उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने आज जारी बयान में कहा है कि उत्तर प्रदेश को भाजपा सरकार ने बेटियों के लिए सर्वाधिक असुरक्षित प्रदेश बना दिया है। घर से स्कूल निकली बेटियां लौटकर घर नहीं आती हैं, बलात्कार का शिकार हो जाती हैं, फिर मौत के घाट उतार दी जाती हैं। अगर बच गईं तो गर्भवती हो जाती हैं और उसके बाद प्रसव पीड़ा से नाबालिग और उसके बच्चे की मौत हो जाती है।
बीते दस वर्षों में आदित्यनाथ सरकार के नकारेपन ने ऐसी दर्दनाक कहानियों की रक्तरंजित सुर्खियों से पूरे यूपी के चप्पे-चप्पे को पाट दिया है। अब यूपी की जनता कह रही है- जिसने यूपी का किया ये हाल, उसे और क्यों दें पाँच साल।*
हाल की प्रमुख आपराधिक घटनाएं
उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में सामने आई प्रमुख घटनाएं,
बुलंदशहर: 16 वर्षीय छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, औरंगाबाद क्षेत्र में कक्षा 7 में पढ़ने वाली 16 वर्षीय छात्रा के घर लौटते समय चार युवकों द्वारा कार से अगवा किए जाने और सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप सामने आया।
बस्ती: 15 वर्षीय छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, स्कूल से घर के लिए निकली कक्षा 7 की 15 वर्षीय छात्रा देर शाम रानीपुर बाबू चौराहे के पास बेहोशी की हालत में मिली। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया।
बस्ती (अन्य घटना): नाबालिग को गन्ने के खेत में ले जाकर दुष्कर्म का आरोप तथा 29 सितंबर की रात गौर क्षेत्र में एक नाबालिग को गन्ने के खेत में ले जाकर दुष्कर्म किए जाने की घटना सामने आई।
बांदा: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप। नरैनी क्षेत्र में नाबालिग को बहाने से बाइक पर बैठाकर ले जाने और सुनसान स्थान पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप सामने आया।
विभिन्न जिलों से बर्बरता के मामले
1. सोनभद्र:14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की प्रसव के दौरान मौत। दुष्कर्म की शिकार 14 वर्षीय किशोरी गर्भवती हो गई थी। प्रसव के दौरान मृत बच्चे को जन्म देने के बाद अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी मौत हो गई। यह घटना इस बात का भयावह उदाहरण है कि अपराध का असर एक नाबालिग बच्ची की पूरी जिंदगी और परिवार पर कितना गंभीर हो सकता है।
2. कौशाम्बी: किशोरी से दुष्कर्म और गर्भवती होने का मामला। कड़ा धाम क्षेत्र में किशोरी के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म किए जाने और उसके गर्भवती होने का मामला सामने आया।
3. ललितपुर: 5 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म। तालबेहट क्षेत्र में मात्र पाँच वर्ष की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आया।
4. मुजफ्फरनगर: 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म का आरोप। किशोरी को बहला-फुसलाकर और धमकाकर ले जाने तथा उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप सामने आया।
5. गोरखपुर: नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का मामला। गोरखपुर क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया।
6. मेरठ: नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप। नाबालिग छात्रा के दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया।
7. प्रयागराज: 10 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप। गंगापार क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया।
8. लखनऊ: 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म का आरोप। निगोहां क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था के आंकड़े
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सवाल सिर्फ इन घटनाओं का नहीं, पूरी व्यवस्था का है।उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध के एक वर्ष में 66,381 मामले दर्ज हुए-यानी औसतन लगभग 182 मामले प्रतिदिन।इसी वर्ष उत्तर प्रदेश में 3,516 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए-औसतन लगभग 9.6 मामले प्रतिदिन।हत्या के 3,206 मामले दर्ज हुए-औसतन लगभग 8.8 हत्याएं प्रतिदिन।एसिड अटैक के 31 मामले दर्ज हुए-यानी औसतन लगभग हर 12 दिन में एक एसिड अटैक। इसके अलावा एसिड अटैक के प्रयास के मामले भी दर्ज हुए।
सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने भी विगत 30 सितंबर 2026 को जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने एक आपराधिक मामले की जाँच में यूपी पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए टिप्पणी की है कि क्यों न “यूपी पुलिस को ही भंग कर दें। देश की शीर्ष अदालतों द्वारा भी प्रदेश सरकार को फटकार लगाई गई किन्तु अभी तक उसका भी कोई असर नहीं दिख रहा है।
प्रदेश सरकार से तीखे सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से सवाल किया है-
जब स्कूल से घर लौटती बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं, पांच साल की बच्ची सुरक्षित नहीं है, 10 साल की बच्ची सुरक्षित नहीं है और नाबालिग छात्राओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, तो सरकार हाथ पर हाथ रखकर क्यों बैठी है?जो सत्ता बेटियों को सुरक्षित स्कूल, सड़क और घर नहीं दे सकती, उस सरकार को जनता उखाड़ फेंकेगी।बेटियां डर में नहीं, सम्मान और सुरक्षा के साथ जीना चाहती हैं।
Reported By: M. Atharuddin Munne Bharti