मंगलवार 22 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नशा मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिलकर 'मिशन मोड' में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाना सरकार की बड़ी प्राथमिकता है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस का अमित शाह ने किया उद्घाटन

नई दिल्ली में आयोजित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुखों की तीसरी नेशनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने ड्रग्स के खिलाफ संयुक्त रणनीति पर जोर दिया। यह दो दिवसीय सम्मेलन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की ओर से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों सहित कई सरकारी विभागों और संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

'एकजुट संकल्प, साझा जिम्मेदारी' थीम पर आयोजित सम्मेलन

इस कॉन्फ्रेंस की थीम 'एकजुट संकल्प, साझा जिम्मेदारी' रखी गई है। इसमें नारकोटिक्स कंट्रोल पर विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) में तय किए गए लक्ष्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। साथ ही ड्रग तस्करी और नशीले पदार्थों के सेवन को रोकने के लिए नई रणनीतियों पर चर्चा हो रही है।

अमित शाह ने कहा कि ड्रग तस्करी से निपटने के लिए NCB और राज्य स्तरीय एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के मंच राज्यों के अनुभवों और केंद्रीय एजेंसियों की जानकारी को साझा करने में मदद करते हैं, जिससे भविष्य की कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

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ड्रग तस्करों पर सख्ती, पीड़ितों के लिए मानवीय दृष्टिकोण

गृह मंत्री ने राज्य सरकारों और पुलिस बलों को ड्रग तस्करों और विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने PIT-NDPS एक्ट के तहत आरोपियों की संपत्ति जब्त करने और विशेष अदालतों के जरिए मामलों की तेज सुनवाई पर जोर दिया।

हालांकि, उन्होंने नशे की लत से जूझ रहे लोगों को अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित के रूप में देखने की बात कही। आगे उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के पुनर्वास और समाज में दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने के लिए प्रभावी कदम उठाने जरूरी हैं।

टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ड्रग नेटवर्क पर लगाम

कॉन्फ्रेंस में डार्क नेट, क्रिप्टो करेंसी से जुड़े मामलों की जांच और सिंथेटिक ड्रग्स की रोकथाम जैसे तकनीकी मुद्दों पर भी चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य ड्रग नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

बैठक में आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद और गृह विभाग के प्रधान सचिव कुमार विश्वजीत ने अमरावती सचिवालय से वर्चुअली भाग लिया। सम्मेलन के जरिए आने वाले वर्षों के लिए ड्रग नियंत्रण को लेकर एक साझा एक्शन प्लान तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

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