Election Protest: चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को दिल्ली की सड़कों पर नजर आया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों के सांसद संसद के मकर द्वार से निर्वाचन सदन की ओर मार्च करते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के मुद्दे और चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध जताया।
प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर लगातार पक्षपात करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग चुनावों में आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अखिलेश ने कहा, "चुनाव आयोग ने 2017, 2019, 2022 और 2024 में बेईमानी की। बंगाल में तो यह पूरी तरह खुला खेल था। इसे कौन नहीं देख सकता?"
'यूपी उपचुनाव में दिखी वोटों की चोरी'
अखिलेश यादव ने कथित चुनावी गड़बड़ियों से जुड़े पोस्टर भी हाथ में ले रखे थे। उन्होंने यूपी के उपचुनावों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां वोटों की चोरी की गई। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ का 'खेल' किसी से छिपा नहीं है और इसी तरह की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने पोस्टर दिखाए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर लोगों को वोट डालने से रोका गया और मतदान प्रक्रिया में बाधा पहुंचाई गई।
उन्होंने एक तस्वीर की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसमें रिवॉल्वर दिखाई दे रही है और आरोप लगाया कि इस तरह लोगों के वोट रोकने की कोशिश की गई।
निर्वाचन सदन की ओर विपक्ष का मार्च
मंगलवार को INDIA गठबंधन के कई दलों के सांसद संसद से निर्वाचन सदन की ओर मार्च के लिए निकले। प्रदर्शनकारी CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे। विपक्ष ने इस विरोध को अपने 'सेव डेमोक्रेसी' अभियान का हिस्सा बताया है। विपक्षी दल SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। मंगलवार का मार्च इस मुद्दे पर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का एक और बड़ा प्रदर्शन रहा।