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वर्ल्ड कप के हीरो संजू सैमसन अब टीम से बाहर, क्यों पिछड़े? फॉर्म से वैभव सूर्यवंशी फैक्टर तक पूरी कहानी
टी20 विश्व कप में टीम इंडिया की जीत में अहम योगदान देने वाले संजू सैमसन अब जिम्बाब्वे सीरीज से बाहर हैं। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के बाद भी उनका नाम टीम में नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। खराब फॉर्म, टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और चयनकर्ताओं की बदलती रणनीति ने संजू की स्थिति को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
कुछ समय पहले तक संजू सैमसन टीम इंडिया की टी20 टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिने जा रहे थे। टी20 विश्व कप 2026 में उनके प्रदर्शन ने उन्हें टीम की सफलता का अहम चेहरा बना दिया था। लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में उनका नाम नहीं है। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर चयनकर्ताओं ने यह फैसला क्यों लिया और क्या अब टीम इंडिया में आगे उनके करियर में कितनी मुश्किल हो सकती है।
विश्व कप के हीरो से बेंच तक का सफर
टी20 विश्व कप 2026 में संजू सैमसन ने भारत के लिए कई अहम पारियां खेलीं। बड़े मुकाबलों में उन्होंने दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी की और टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी प्रदर्शन के दम पर वह टूर्नामेंट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हो गए हालांकि, विश्व कप खत्म होने के कुछ ही समय बाद तस्वीर बदल गई। इंग्लैंड दौरे के लिए वह टीम में तो शामिल हैं, लेकिन दूसरे टी20 मैच की प्लेइंग इलेवन में उन्हें जगह नहीं मिली। इससे साफ संकेत मिलता है कि टीम प्रबंधन अब नए खिलाड़ियों और भविष्य के विकल्पों को भी लगातार आजमा रहा है।
पहला कारण- फॉर्म ने बढ़ाई मुश्किल
विश्व कप के बाद आयरलैंड दौरे पर संजू अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार नहीं रख सके। उन्हें अच्छी शुरुआत तो मिली, लेकिन वह उसे बड़ी पारियों में नहीं बदल पाए। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी उनका बल्ला खामोश रहा। ऐसे में लगातार साधारण प्रदर्शन का असर चयन पर पड़ना तय माना जा रहा है।
दूसरा कारण- टीम में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
भारतीय टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज और टॉप ऑर्डर की जगह के लिए मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा कड़ा हो गया है। कई युवा खिलाड़ी लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं और चयनकर्ताओं का भरोसा जीत रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलना भी इसी सोच का हिस्सा माना जा रहा है। इससे साफ है कि टीम प्रबंधन भविष्य को ध्यान में रखकर नए खिलाड़ियों को लगातार अवसर दे रहा है।
तीसरा कारण- बदलती टीम रणनीति
जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए संजू सैमसन का चयन न होना कई सवाल खड़े करता है। आमतौर पर ऐसी सीरीज में अनुभवी खिलाड़ियों को लय हासिल करने और खुद को साबित करने का मौका मिलता है, लेकिन इस बार चयनकर्ताओं ने नए चेहरों पर भरोसा जताया। इससे संकेत मिलता है कि टीम प्रबंधन अब आने वाले बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए अलग रणनीति पर काम कर रहा है।
क्या करियर पर सच में खतरा है
फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि संजू सैमसन का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म हो गया है, उन्होंने पहले भी मुश्किल हालात से वापसी की है और बड़ी पारियां खेलकर खुद को साबित किया है। हालांकि अब उनके सामने चुनौती पहले से बड़ी है। अगर आगे मिलने वाले मौकों का वह पूरा फायदा उठाते हैं तो टीम में वापसी कर सकते हैं। लेकिन अगर लंबे समय तक टीम से बाहर रहे तो उनकी राह और कठिन हो सकती है। भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी है. एक या दो खराब सीरीज किसी भी खिलाड़ी की जगह खतरे में डाल सकती हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अगला मौका मिलने पर संजू सैमसन अपने बल्ले से कितना मजबूत जवाब देते हैं।
Written By: Archana Gupta
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