Bhuvneshwar Kumar: भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को दिए गए मैसेज के बारे में बात की। चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले 36 वर्षींय भुवनेश्वर का प्रदर्शन न्यूजीलैंड में अभी तक बेहद साधारण रहा है। कीवियों की धरती पर दो मैच खेल चुके ‘स्विंग मास्टर’ ने सिर्फ एक विकेट निकाला है।
इस सीरीज में भुवी ने 8 ओवर डाले हैं, जिसमें उन्होंने 99 रन दिए हैं। हालांकि टीम इंडिया में वापसी से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में 28 विकेट लिए थे। वहीं, भुवी को लेकर टीम के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने कहा कि उन्हें किसी चीज के पीछे भागने की जरूरत नहीं है, बस वे जैसे हैं, वैसे ही रहें।
उन्होंने शानदार गेंदबाजी की– मोर्ने मोर्कल
भारत के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भुवनेश्वर कुमार पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा,
"उनकी वापसी को लेकर मेरे मन में काफी सहानुभूति है। देखिए, मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि 4 साल बाद वापसी करने पर लोगों की उम्मीदें तो होंगी ही। उन्होंने आईपीएल में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने वाकई शानदार गेंदबाजी की है। सबसे पहली बात तो यह है कि उन्हें इन उम्मीदों के दबाव को खुद से दूर रखना होगा। उनके चयन से पहले, उन्होंने एक महीने तक ट्रेनिंग तो की, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पूरी तरह से अलग स्तर का खेल है, जहां बहुत कम अंतर से जीत-हार तय होती है। शेड्यूल की वजह से उन्हें बहुत कम समय में तैयारी करके मैदान पर उतरना पड़ा है।"
उनके पास अनुभव-हुनर दोनों हैं-मोर्कल
मोर्ने मोर्कल ने पत्रकार वार्ता में भुवी को लेकर आगे कहा, "उनके पास हुनर और अनुभव, सब कुछ है। लेकिन आखिरकार, आपको क्रिकेट के खेल का सम्मान करना होता है। उन्हें कुछ मैचों में खुद को ढालने और जमने का मौका देना जरूरी है। जब से वे टीम से जुड़े हैं, मेरी तरफ से उन्हें यही संदेश रहा है। किसी चीज के पीछे भागने की जरूरत नहीं है, बस आप जैसे हैं, वैसे ही रहें।"
आपको बता दें कि, भुवी का प्रदर्शन शुरुआती दो मैचों में बेहद साधारण रहा है। इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने पहले मैच में डाले 4 ओवर में 49 रन लुटाए थे तो दूसरे मैच में डाले 4 ओवर के स्पेल में 50 रन देकर 1 विकेट लिया था। हालांकि, इसके बाद भुवी अगले मैच में खेलते दिख सकते हैं।
वह अच्छी यॉर्कर डालता है-बॉलिंग कोच
पहले टी20 मैच में मयंक यादव ने 4 ओवर में 40 रन देकर 1 विकेट निकाला था। इसके प्रदर्शन के बाद उनको दूसरे मैच से बाहर कर दिया गया था और उनकी जगह प्रिंस यादव को खिलाया गया। इसपर बॉलिंग कोच ने कहा,
"यह पूरी तरह से एक रणनीतिक बदलाव था, जो हमें उस मैदान के हिसाब से जरूरी लगा। यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि प्रिंस डेथ ओवरों में बहुत अच्छी यॉर्कर डालते हैं। हमें लगा कि अगर हमें दूसरी पारी में गेंदबाजी करनी पड़ी और गेंद गीली रही, साथ ही मैदान के आकार को भी ध्यान में रखते हुए, तो हमें ऐसा गेंदबाज चाहिए था जो सटीक यॉर्कर डालने में माहिर हो।"
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