म्हारी छोरिया छोरो से कम है के.... इस बात को सच साबित किया है भारत की महिला खिलाड़ियों ने। जी हां आज हम बात कर रहे हैं भारतीय महिला शूटर ईशा सिंह की। जिन्होने आईची-नागोया में हो रहे एशियन गेम्स 2026 में अपनी बेहतरीन निशानेबाजी के जरिए भारत के नाम मेडल हासिल कर लिया है।

यूं तो इस बार मनु भाकर से भारत को गोल्ड मेडल लाने की काफी उम्मीद थी। लेकिन इस बार मेडल मनु भाकर ने नहीं बल्कि ईशा सिंह ने दिलाया है। अब आपके भी जहन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर कौन है ईशा सिंह जिनका नाम इतना ज्यादा सुर्खियों में छाया हुआ है। तो चलिए आज हम आपको नई शूटर ईशा सिंह के बारे में बताते हैं?

कौन है ईशा सिंह?

21 वर्षीय ईशा सिंह का नाम इस समय भारत में नई शूटिंग पोस्टर गर्ल के तौर पर पहचान बना चुकी है। महज 21 साल में ईशा सिंह ने अपनी पिस्टल से शूटिंग के जरिए अपने खेमे में ओलंपिक व अन्य बड़ी प्रतियोगिता में कई मेडल को कब्जाया है। उन्होंने अपने स्पोर्ट्स करियर की शुरुआत अपने पिता के साथ ही। ईशा के पिता एक रैली को-ड्राइवर थे। क्योंकि ईशा के पिता चाहते थे कि वह टेनिस, बैडमिंटन और गो-कार्टिंग में अपना हाथ आजमाए और इन्हीं में अपना सफल करियर बनाए।

लेकिन ईशा की खासा दिलचस्पी पिस्टल से फायरिंग करने में ज्यादा दिखी। ईशा के पिता ने ईशा की पसंद को पंख देने के लिए घर पर ही डमी प्रैक्टिस रेंच बनाकर दिया। जिससे ईशा को प्रेक्टिस करने में ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े।

पिता के सहारे सपने किए पूरे

ईशा का जन्म हैदराबाद के तेलंगाना में 1 जनवरी 2025 को हुआ था। ईशा ने शूटिंग को 9 साल की उम्र में ही अपना पसंदीदा खेल मान लिया था। गोली की तेज अवाज उनको भाने लगी। ईशा ने अपने सपनों को साकार करने के पीछे अपने पिता का योगदान बताया है। ईशा का कहना है कि इस खेल को अपनी पहली पसंद ईशा ने बनाया। लेकिन उनके सपनों के पंख को देकर उडान भरने की कला उनके पिता ने सिखाई।

एक बार ईशा अपने पिता व पूर्व रैली को-ड्राइवर के साथ शूटिंग रेंज गई थीं। शूटिंग की शुरुआत करने से पूर्व ईशा ने टेनिस, स्केटिंग, बैडमिंटन और गो-कार्टिंग में भी हिस्सा लिया था।ईशा ने महिला की 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर मेडल पर अपनी जीत दर्ज की है। एक गलत निशाने के कारण वह गोल्ड मेडल से चूक गईं। लगातार 5 शूट-ऑफ के रोमांचक दौर के बाद उन्होंने भारत के लिए रजत पदक को पक्का करा।

ईशा का नाम इस समय 25 मीटर पिस्टल कैटेगरी में दुनिया की नंबर 1 शूटर के तौर पर दर्ज हो चुका है। ईशा ने 140 करोड़ भारतीय के उम्मीद को अपने 580 क्वालीफिकेशन पॉइंट्स के साथ फाइनल में एक कदम आगे बढ़ा लिया है।

मेडल्स और रिकॉर्ड्स से भारत का नाम विदेशों में चमकाया

अगर बात की जाए ईशा सिंह के पिछले मेडल्स और रिकॉर्ड्स की तो साल 2022 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में 25 मीटर पिस्टल टीम में उन्होंने गोल्ड जीता और व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर और 10 मीटर एयर पिस्टल टीम में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। साल 2023 में बाकू वर्ल्ड चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम और 25 मीटर पिस्टल टीम में उन्होंने गोल्ड हासिल कर भारत का विदेश की धरती पर दबदबा कायम किया था।

साल 2025 में 25 मीटर पिस्टल में ईशा ने ब्रॉन्ज जीता था। साल 2026 में दिल्ली एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड और ब्रॉन्ज के बाद म्यूनिख वर्ल्ड कप में 25 मीटर पिस्टल प्रतियोगिता में गोल्ड अपने नाम किया।

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