Meerut News: मेरठ से एक अनोखी खबर सामने आई है। जहां बेटी के तलाक होने पर पिता ने बेटी का फूलों से स्वागत किया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं इस मामले पर लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है।
पिता ने बेटी के तलाक पर दिया बड़ा संदेश
लक्ष्मी बनकर जो जन्म ले, वो बेटियां बोझ नहीं होती, घर के आंगन में जब वो खिलखिलाती रहे, तो वहां सोने-चांदी की भी जरूरत नहीं होती। ऐसा कहना है मेरठ के एक रिटायर्ड जज का। जिन्होंने अपनी बेटी के तलाक पर फूल-मालाओं से स्वागत किया। साथ ही ढोल बजाते हुए परिवार के लोग कोर्ट से घर तक नाचते-गाते गए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह मामला कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र का है। थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में उत्तराखंड कैडर के रिटायर्ड जिला जज डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने अपनी बेटी का विवाह कुछ साल पहले धूमधाम किया था, लेकिन ससुराल में प्रताड़ना के चलते रिश्ता टूटने की कगार पर आ गया। और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद जब शनिवार कोर्ट से तलाक के कागज मिले तो पिता ने अपनी बेटी को वापस घर लाने का अनोखा फैसला किया।
पिता ने बढ़ाई बेटी का हौसला
समाज में बेटी का तलाक होना एक 'कलंक' की बात मानी जाती है। लेकिन डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा ने इसे अपनी बेटी की आजादी और नई शुरुआत के रूप में मनाया। परिवार के अन्य लोगों ने एक ब्लैक कलर की टी-शर्ट पहनी थी, जिस पर बड़े अक्षरों में लिखा था- 'I Love My Bitiya'। जैसे ही बेटी अपनी कार से घर पहुंची तो पिता ने ढोल-नगाड़े बजवाए। सोशल मीडिया पर इस स्वागत की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
क्या बोले पिता?
पिता का इस मामले पर कहना है कि मैंने 8 साल पहले अपनी इकलौती बेटी की शादी आर्मी के मेजर के साथ की थी। हालांकि मेरी बेटी ससुराल में खुश नहीं थी। उसे परेशान किया जाता था। मैंने कोई एलिमनी या सामान नहीं लिया। सिर्फ अपनी बेटी को वापस घर लाया हूं। वहीं इनके इस फैसली की काफी सराहना हो रही है।
Writen By: Geeta Sharma