प्यार को लेकर लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि महिलाएं ज्यादा भावुक होती हैं, जल्दी जुड़ जाती हैं और रिश्तों को निभाने में आगे रहती हैं, जबकि पुरुष अपनी भावनाएं कम व्यक्त करते हैं और जल्दी दूरी बना लेते हैं, लेकिन हाल की वैज्ञानिक शोध इस धारणा को काफी हद तक चुनौती देती हैं। नई स्टडीज़ से पता चलता है कि पुरुष भी उतनी ही गहराई से प्रेम करते हैं, बस उनकी भावनाओं के व्यक्त करने का तरीका और समय अलग हो सकता है।

रिसर्च में क्या सामने आया?

हाल में हुई स्टडीज़ ने यह समझने की कोशिश की कि पुरुष और महिलाएं प्यार को कैसे महसूस करते हैं। नतीजों से यह साफ हुआ कि फर्क “कितना” नहीं बल्कि “कैसे” और “कब” का है। 2025 में प्रकाशित एक अध्ययन में 18 से 25 साल के 800 से अधिक युवाओं को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि पुरुष अक्सर महिलाओं की तुलना में थोड़ा पहले प्यार में पड़ जाते हैं—लगभग एक महीने पहले। वही महिलाएं अपने साथी के प्रति भावनात्मक रूप से अधिक गहराई से जुड़ती हैं और उनके बारे में ज्यादा सोचती हैं।

भावनाओं पर क्या पड़ता है असर?

2024 की दूसरी स्टडी में रिश्तों के अलग-अलग चरणों में भावनाओं का अध्ययन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों की भावनाओं को समय के साथ ट्रैक किया गया। नतीजों में सामने आया कि सगाई के दौरान महिलाएं आमतौर पर ज्यादा गहराई से प्यार महसूस करती हैं, लेकिन शादी के शुरुआती वर्षों में उनकी भावनाओं की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है। दूसरी ओर, पुरुषों का प्यार समय के साथ स्थिर और मजबूत होता जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि महिलाएं शादी के बाद कम प्रेम करती हैं, बल्कि यह दर्शाता है कि समय के साथ प्यार का स्वरूप बदलता है। जिम्मेदारियां, दिनचर्या और जीवन के अन्य पहलू शुरुआती उत्साह को थोड़ा प्रभावित कर सकते हैं।

दोनों स्टडीज़ से क्या समझ आता है?

इन अध्ययनों से यह स्पष्ट होता है कि पुरुष और महिलाएं अलग-अलग तरीके से प्रेम करते हैं, लेकिन दोनों की भावनाएं समान रूप से गहरी हो सकती हैं। किसी का प्रेम जल्दी प्रकट होता है, तो किसी का धीरे-धीरे विकसित होता है—लेकिन दोनों ही सच्चे हो सकते हैं।

 Written By Toshi Shah