मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के नेता Donald Trump और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के बीच फोन पर बातचीत हुई है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब Iran और Israel से जुड़े हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है। माना जा रहा है कि इस बातचीत में क्षेत्र में जारी तनाव और उसे कम करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
ईरान-इस्राइल तनाव को लेकर ट्रंप और पुतिन की बातचीत
फोन कॉल के दौरान दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व की मौजूदा स्थिति पर अपने-अपने विचार साझा किए। पुतिन ने कहा कि हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए बातचीत का रास्ता खुला रखना जरूरी है। उनका मानना है कि किसी भी बड़े टकराव को कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही रोका जा सकता है।
सैन्य कार्रवाई नहीं, बातचीत पर रखा जोर
पुतिन ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में कई देशों के बीच बातचीत जारी है और कोशिश यही है कि तनाव कम किया जाए। उनका मानना है कि अगर सभी पक्ष संयम बरतें और संवाद बनाए रखें तो स्थिति को संभाला जा सकता है।
ट्रंप ने रखी अपनी राय
वहीं ट्रंप ने बातचीत के दौरान कहा कि क्षेत्र में जारी सैन्य कार्रवाई ज्यादा लंबी नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में हालात बेहतर हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आगे भी बातचीत जारी रखी जा सकती है।
क्या बढ़ते तनाव को रोक पाएगी ट्रंप-पुतिन की बातचीत?
मध्य-पूर्व की स्थिति को लेकर दुनिया के कई देश नजर बनाए हुए हैं। जानकारों का मानना है कि बड़े देशों के नेताओं के बीच इस तरह की बातचीत से तनाव कम करने की कोशिशों को बल मिल सकता है। हालांकि फिलहाल यह साफ नहीं है कि इसका असर जमीन पर कब तक दिखाई देगा।
Written by : Anushka sagar