भारत में प्रोटीन की कमी आज एक गंभीर पोषण समस्या बनती जा रही है। कई रिपोर्टों के अनुसार देश की बड़ी आबादी रोज़ाना आवश्यक मात्रा में प्रोटीन का सेवन नहीं कर पाती। यही कारण है कि शाकाहारी डाइट में प्रोटीन के स्रोतों को लेकर अक्सर चर्चा होती है, खासकर पनीर और टोफू को लेकर। जो लोग वज़न कम करना चाहते हैं या हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना चाहते हैं, वे अक्सर यह जानना चाहते हैं कि इन दोनों में से बेहतर विकल्प कौन-सा है।
पनीर और टोफू के प्रभाव अलग-अलग
दरअसल, पनीर और टोफू दोनों ही प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं और शाकाहारी आहार में इन्हें आसानी से शामिल किया जा सकता है। हालांकि पोषण के लिहाज से इनमें कई समानताएं हैं, लेकिन कैलोरी, फैट और प्रोटीन की मात्रा के साथ-साथ शरीर पर इनके प्रभाव में कुछ अहम अंतर भी होते हैं। इसलिए आपका फिटनेस लक्ष्य—चाहे वह वज़न कम करना हो, मसल्स बनाना हो या संतुलित आहार लेना—यह तय करता है कि आपके लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
सोया दूध से तैयार होता है टोफू
टोफू, जिसे बीन कर्ड भी कहा जाता है, बता दें कि इसे सोया दूध से तैयार किया जाता है। सोया दूध को जमाकर और दबाकर इसे बनाया जाता है। यह पूरी तरह पौधों से बनने वाला खाद्य पदार्थ है, इसलिए वीगन और शाकाहारी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें फैट की मात्रा कम होती है और कोलेस्ट्रॉल भी नहीं होता, जिसके कारण इसे हेल्दी प्रोटीन विकल्प माना जाता है।
भारतीय खानपान में बेहद लोकप्रिय है पनीर
वहीं पनीर भारतीय खानपान का बेहद लोकप्रिय हिस्सा है। इसे गर्म दूध में नींबू का रस या सिरका डालकर फाड़ा जाता है और फिर छानकर तैयार किया जाता है। पनीर का टेक्सचर क्रीमी होता है और पकाने पर यह पिघलता नहीं है, इसलिए कई भारतीय व्यंजनों में इसका खूब इस्तेमाल होता है।
किसमें ज्यादा फैट
अगर पोषण की बात करें तो दोनों में प्रोटीन की मात्रा अच्छी होती है, लेकिन उनकी कैलोरी और फैट अलग-अलग होते हैं। लगभग 100 ग्राम टोफू में करीब 70 से 80 कैलोरी, लगभग 8 ग्राम प्रोटीन और लगभग 4 से 5 ग्राम फैट होता है। दूसरी तरफ 100 ग्राम पनीर में लगभग 250 से 270 कैलोरी, करीब 18 ग्राम प्रोटीन और लगभग 20 ग्राम फैट पाया जाता है। इससे स्पष्ट है कि पनीर में प्रोटीन ज्यादा होता है, लेकिन इसके साथ फैट और कैलोरी भी अधिक होती है।
टोफू है बेहतर विकल्प
अगर लक्ष्य वज़न कम करना है तो टोफू को बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें कैलोरी और फैट दोनों कम होते हैं, इसलिए इसे कैलोरी डेफिसिट डाइट में शामिल करना आसान होता है, साथ ही टोफू पेट को देर तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है।
Written By Toshi Shah