भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है। हर साल बड़ी संख्या में लोग नई कार खरीद रहे हैं, लेकिन अब ग्राहकों की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां ज्यादातर लोग नई गाड़ी खरीदने को प्राथमिकता देते थे, वहीं अब काफी संख्या में खरीदार पुरानी यानी सेकंड हैंड कारों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
कम बजट में बेहतर फीचर्स के चलते बढ़ी यूज्ड कारों की डिमांड
यूज्ड कार मार्केट में पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ग्राहक कम कीमत में ज्यादा फीचर्स वाली कार खरीद पा रहे हैं। नई कार की तुलना में पुरानी गाड़ियों में बेहतर वैल्यू मिलती है। खासतौर पर ऐसे लोग जो पहली बार कार खरीद रहे हैं या सीमित बजट में एक भरोसेमंद वाहन चाहते हैं, उनके लिए सेकंड हैंड कारें बेहतर विकल्प बनकर सामने आई हैं।
बलेनो और ग्रैंड आई10 बनीं पहली पसंद
पुरानी कारों के बाजार में हैचबैक सेगमेंट की मांग अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूज्ड हैचबैक कारों में मारुति सुजुकी बलेनो सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली गाड़ियों में शामिल है। इसकी लोकप्रियता की वजह इसका आकर्षक डिजाइन, अच्छा माइलेज और कम रखरखाव खर्च है। सेकंड हैंड मार्केट में बलेनो की हिस्सेदारी करीब 15.5 प्रतिशत बताई जाती है। वहीं, हुंडई ग्रैंड आई10 भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय है। यह कार अपनी आरामदायक ड्राइविंग, भरोसेमंद इंजन और किफायती मेंटेनेंस के कारण खरीदारों को आकर्षित करती है। यूज्ड कार सेगमेंट में ग्रैंड आई10 की हिस्सेदारी लगभग 13.2 प्रतिशत है। इसके अलावा रेनो क्विड भी कम बजट वाले ग्राहकों की पसंद बनी हुई है। करीब 11.3 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ यह कार उन लोगों के बीच लोकप्रिय है जो कम कीमत में शहर के इस्तेमाल के लिए छोटी और किफायती कार चाहते हैं।
सेकंड हैंड एसयूवी की बढ़ी मांग
अब पुरानी कारों के बाजार में सिर्फ छोटी गाड़ियों की ही मांग नहीं है, बल्कि एसयूवी सेगमेंट भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। भारतीय ग्राहक अब ज्यादा स्पेस, बेहतर सड़क पकड़ और मजबूत डिजाइन वाली एसयूवी खरीदना पसंद कर रहे हैं।
5 से 12 लाख रुपये तक यूज्ड गाड़ियों की मांग सबसे ज्यादा
यूज्ड एसयूवी बाजार में 5 लाख रुपये से 12 लाख रुपये तक की गाड़ियों की मांग सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है। इस श्रेणी में टाटा नेक्सन और हुंडई क्रेटा जैसी गाड़ियां ग्राहकों की पसंद बनी हुई हैं। टाटा नेक्सन की हिस्सेदारी करीब 11 प्रतिशत है, जबकि हुंडई क्रेटा लगभग 7.1 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ मजबूत स्थिति में है।
3 से 5 साल पुरानी एसयूवी खरीदने में सबसे ज्यादा रुचि
ऑटो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लोग अब 3 से 5 साल पुरानी एसयूवी खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इन गाड़ियों की कीमत नई कारों के मुकाबले काफी कम हो जाती है, लेकिन इनमें मिलने वाले डिजाइन, फीचर्स, सुरक्षा उपकरण और रोड प्रेजेंस काफी हद तक आधुनिक कारों जैसे ही रहते हैं।
Written By Toshi Shah