आज 8 अप्रैल की सुबह-सुबह ग्लोबल मार्केट से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको चौंका दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा फैसला लिया जिससे कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें धड़ाम से गिर गईं। अमेरिका और ईरान के बीच अगले 2 हफ्ते के लिए 'सीजफायर' यानी युद्धविराम पर सहमति बन गई है। बस इसी एक खबर ने तेल के बाजार में मची खलबली को शांत कर दिया और कीमतें $100 के भी नीचे फिसल गईं।
आखिर ट्रंप ने ऐसा क्या कहा ?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर साफ-साफ कह दिया कि वह ईरान पर होने वाली बमबारी को 2 हफ्ते के लिए टाल रहे हैं। लेकिन उनकी एक शर्त है—ईरान को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का रास्ता पूरी तरह और सुरक्षित खोलना होगा। आपको बता दें कि दुनिया का 20% तेल इसी रास्ते से आता है। इस रास्ते के बंद होने के डर से ही तेल के दाम आसमान छू रहे थे, पर अब युद्ध का खतरा टलने की उम्मीद से बाजार को बड़ी राहत मिली है।
कितना सस्ता हुआ कच्चा तेल?
जैसे ही ट्रंप का ये मैसेज आया, बाजार में 'वॉर प्रीमियम' (युद्ध की वजह से बढ़ी कीमतें) गायब हो गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (US Crude) की कीमत एक झटके में 17% गिरकर करीब 95 डॉलर पर आ गई। वहीं, ब्रेंट क्रूड भी 16% तक टूटकर 92 डॉलर के पास पहुंच गया है। कुछ दिन पहले तक ये कीमतें 70% तक बढ़ चुकी थीं, जो अब गिरती नजर आ रही हैं।
क्या अब पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?
राहत तो मिली है, पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिक्चर अभी बाकी है। जानकारों का मानना है कि बंद पड़े कुओं को फिर से शुरू करने और जहाजों को वापस अपने रास्ते पर लाने में अभी महीनों लग सकते हैं। यानी भले ही आज दाम गिरे हैं, लेकिन फिलहाल तेल का भाव $90–$95 से नीचे टिक पाना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती के लिए हमें अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
Written by: Anushka sagar