आज के दौर में कार हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। ऑफिस जाना हो, बाजार जाना हो या कहीं घूमने निकलना हो। हर काम में कार सहूलियत देती है, लेकिन अक्सर लोग इसका इस्तेमाल तो रोज करते हैं, मगर इसकी देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
इनके संकेतों को समझना जरूरी
कार की सुरक्षा और बेहतर प्रदर्शन तीन मुख्य चीजों पर निर्भर करता है। ब्रेक पैड्स, टायर और बैटरी। अगर इनमें से कोई भी हिस्सा सही तरीके से काम न करे, तो न सिर्फ ड्राइविंग का अनुभव खराब होता है बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। मौसम, खराब सड़कें और लंबे समय तक इस्तेमाल इन पार्ट्स को जल्दी घिस देते हैं, इसलिए समय-समय पर इनके संकेतों को समझना जरूरी है।
ब्रेक पैड्स खराब होने के संकेत
ब्रेक पैड्स कार को सुरक्षित रूप से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके घिस जाने पर ब्रेक लगाने में दिक्कत हो सकती है। आम तौर पर 25 से 40 हजार किलोमीटर के बीच इन्हें बदलना बेहतर माना जाता है। यदि ब्रेक लगाते समय चीखने या घिसने जैसी आवाज आए, तो यह संकेत है कि ब्रेक पैड्स खराब हो चुके हैं। इसके अलावा ब्रेक दबाते समय कंपन महसूस होना या गाड़ी का देर से रुकना भी चेतावनी के संकेत हैं। अगर पैड्स की मोटाई बहुत कम हो जाए, तो उन्हें तुरंत बदलवा लेना चाहिए, वरना यह खतरनाक साबित हो सकता है।
टायर बदलने के सही संकेत
टायर सीधे सड़क के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनका सही हालत में होना बेहद जरूरी है। घिसे हुए या पुराने टायर खासकर बारिश में फिसल सकते हैं। सामान्यतः टायर 40 से 60 हजार किलोमीटर या 4–5 साल में बदल देने चाहिए। अगर टायर में दरारें दिखाई दें, उभार नजर आए या बार-बार हवा कम हो जाए, तो यह खराबी का संकेत है। साथ ही अगर गाड़ी चलाते समय पकड़ कम महसूस हो या ज्यादा आवाज आए, तो समझ लेना चाहिए कि टायर बदलने का समय आ गया है। समय पर टायर बदलना आपकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।
बैटरी खराब होने के संकेत
कार की बैटरी कई जरूरी सिस्टम को चलाने का काम करती है। बैटरी कमजोर होने पर कार स्टार्ट होने में परेशानी आने लगती है। आमतौर पर बैटरी 3 से 5 साल तक सही चलती है। अगर गाड़ी स्टार्ट होने में समय ले, हेडलाइट्स हल्की पड़ जाएं या डैशबोर्ड की लाइट्स ठीक से काम न करें, तो यह बैटरी की समस्या का संकेत हो सकता है। इसके अलावा बैटरी के टर्मिनल पर सफेद या नीले रंग का जमा होना भी खराबी की निशानी है। ऐसे में बिना देरी किए बैटरी बदलवा लेना चाहिए।
Written By Toshi Shah