Kharmas 2026: हिंदू मान्यताओं में ‘खरमास’ वह समय होता है जब मांगलिक कार्यों पर ब्रेक लग जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में गोचर करते हैं, तो उनकी ऊर्जा में कमी आ जाती है, इसी को खरमास कहते हैं। आपको बता दें इस दौरान नया घर खरीदना, शादी करना या बिजनेस की शुरुआत करना टालने की सलाह दी जाती है, क्योंकि माना जाता है कि ये कार्य शुभ परिणाम नहीं देते। मार्च 2026 में सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास की शुरुआत हो गई है। हालांकि, उलझन इस बात को लेकर है कि इसे 14 मार्च की रात से मानें या 15 मार्च की सुबह से।
खरमास 2026 की सही तारीख
सूर्य 15 मार्च 2026 को सुबह 1:08 बजे मीन राशि में प्रवेश करेंगे। कुछ लोग इसे 14 मार्च की देर रात मानकर भ्रमित हो जाते हैं, लेकिन पंचांग के अनुसार 15 मार्च 2026 से ही खरमास की शुरुआत होती है। यह अवधि पूरे एक महीने तक जारी रहेगी और 14 अप्रैल 2026 को सुबह 9:38 बजे सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा।
खरमास में इन 5 कामों से करें परहेज
ज्योतिष के अनुसार, खरमास के दौरान ग्रहों के राजा सूर्य की चाल धीमी हो जाती है, जिससे उनकी सकारात्मक ऊर्जा में कमी आती है। इसलिए इस दौरान निम्नलिखित कार्यों से बचना चाहिए:
- शादी या सगाई – मान्यता है कि इस दौरान किए गए मांगलिक काम शुभ परिणाम नहीं देते।
- नया घर या संपत्ति खरीदना – नया निवेश या घर खरीदना टालना चाहिए।
- बिजनेस की शुरुआत – नया व्यवसाय शुरू करना शुभ नहीं माना जाता।
- धन-सम्पत्ति से जुड़े बड़े फैसले – जैसे बड़ी रकम का निवेश या जमीन-भवन का लेन-देन।
- धार्मिक या मांगलिक अनुष्ठान – पूजा-पाठ या हवन, मांगलिक कार्य करने से बचें।
खरमास में मांगलिक कामों से परहेज क्यों?
शुभ कार्यों के लिए सूर्य का मजबूत और उच्च स्थिति में होना जरूरी होता है। बता दें की खरमास के दौरान, जब सूर्य देव धनु और मीन राशि में गोचर करते हैं, तो उनकी ऊर्जा कमजोर और गति मंद हो जाती है। ज्योतिष के अनुसार इस समय किए गए मांगलिक कार्यों का फल पूर्ण रूप से नहीं मिलता, इसलिए पूरे महीने को मांगलिक कामों के लिए अनुपयुक्त माना जाता है।
Written By - Namita Verma