मिडिल ईस्ट में जंग अभी जारी है। इसी बीच अमेरिकी ठिकानों पर ईरान की बमबारी से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर अब नरम पड़ गए है। ऐसी खबर है कि ट्रंप ने युध्द विराम के लिए ईरान से समझौते के लिए तैयार होने की बात कही है। एक रिपोर्ट के अनुसार एक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि समझौते को लेकर ईरान से बातचीत संभव है। हालांकि सब कुछ उन शर्तों पर निर्भर करेगा, जिन पर ईरान बातचीत को तैयार होगा। वहीं ट्रंप का यह बयान उस समय आया है, जब पी-3 कंट्री रूस, चीन और फ्रांस ने सीजफायर की पहल की।
ईरान के नेता बातचीत के लिए है तैयार: ट्रंप
एक मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ऐसा कहा है कि ईरान के नेता बातचीत के लिए बेताब हैं। लगातार संपर्क कर रहे हैं। मुझे बात करने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन शर्तों पर सब कुछ निर्भर करता है। ट्रंप ने आगे कहा कि हम शुरू से ही समझौता चाह रहे थे, लेकिन ईरान टाल-मटोल कर रहा था।
जानें समझौते पर बयान क्यों अहम?
सूत्रों के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकारों ने उनसे ईरान पर समझौते का रास्ता तलाशने के लिए कहा है। साथ ही सलाहकारों का कहना है कि जंग लगातार खिंच रहा है, जिसका नुकसान अमेरिका को हो सकता है। इसके साथ ही ईरान में तख्तापलट नहीं हो सकता है। यह रिपोर्ट अमेरिकी प्रशासन को सौंपी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की जनता इसके लिए तैयार नहीं है।
ट्रंप ने क्या कहा है?
एक मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान हमले को जायज ठहराया है। ट्रंप का ऐसा कहा है कि जब विटकॉफ और जेरेड कुशनेर बात करने गए, तो ईरान ने टालमटोल कर दिया। आगे ट्रंप ने बताया कि विटकॉफ ने मुझे बताया कि ईरान 11 परमाणु हथियार बनाने की तैयारी में है। जिन देशों ने ईरान पर हमला नहीं किया, उस पर भी तेहरान ने बम बरसाए।
अमेरिका के रक्षा मंत्री ने क्या कहा?
हालांकि अमेरिका के रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि ईरान अकेले मैदान में है। हम उस पर अटैक करते रहेंगे। 11 मार्च को ईरान पर और मजबूत हमला होगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने के लिए 2000 ड्रोन और 500 मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।
Writen By: Geeta Sharma