अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा बाजार की चाल को समझना बेहद जरूरी है। पिछले एक सप्ताह के दौरान दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,800 प्रति 10 ग्राम तक बढ़ गया है, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,650 प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है। वहीं चांदी ने भी तेज रफ्तार दिखाई है और इसकी कीमत एक सप्ताह में करीब ₹10,000 प्रति किलोग्राम बढ़कर नए स्तर पर पहुंच गई है।

आज क्या है सोने का ताजा भाव?

26 जुलाई की सुबह जारी कीमतों के अनुसार राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,45,080 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,33,000 प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई में 24 कैरेट सोना ₹1,44,930 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,32,850 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,45,090 प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,33,000 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।

पुणे, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों कीमतों में उछाल 

इसके अलावा पुणे, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतें लगभग मुंबई के समान स्तर पर बनी हुई हैं। हालांकि शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में करीब ₹2,000 की गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन साप्ताहिक आधार पर कीमतें अब भी ऊंचाई पर बनी हुई हैं।

चांदी ने भी दिखाई मजबूत तेजी

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी लगातार तेजी बनी हुई है। 26 जुलाई को देश में चांदी का भाव ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। यह पिछले एक सप्ताह में करीब ₹10,000 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी को दर्शाता है।

हालांकि कुछ स्थानीय बाजारों में हल्की नरमी भी देखने को मिली। उदाहरण के लिए, इंदौर सर्राफा बाजार में 25 जुलाई को चांदी की कीमत में ₹500 प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई और औसत भाव ₹2,22,500 प्रति किलोग्राम रहा। इसके बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी दिख रहा असर

घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों के पीछे वैश्विक बाजार की मजबूती भी एक बड़ा कारण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड लगभग 4,052.78 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि स्पॉट सिल्वर की कीमत करीब 58.11 डॉलर प्रति औंस बनी हुई है। वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की ऊंची कीमतों का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

किन कारणों से बदलते हैं सोने-चांदी के दाम?

भारत में सोने और चांदी की कीमतें केवल घरेलू मांग और आपूर्ति पर निर्भर नहीं करतीं। इनकी कीमतों को कई घरेलू और वैश्विक कारक प्रभावित करते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां, ब्याज दरों में बदलाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की खरीदारी का रुख इनके दाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक जोखिम बढ़ता है, तब निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। वहीं रुपये की कमजोरी भी आयातित सोने को महंगा बना देती है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।

खरीदारी से पहले जरूर करें यह काम

यदि आप निवेश के उद्देश्य से सोना या चांदी खरीदना चाहते हैं या फिर शादी-ब्याह और त्योहारों के लिए आभूषण लेने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा रेट की जांच जरूर करें। अलग-अलग शहरों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और स्थानीय मांग के कारण कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है। बाजार में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए सही समय पर खरीदारी करना आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

Written By: Geeta Sharma