Friendship Day 2026: कहते हैं कि अगर इरादे बुलंद हों और साथ में सच्चे दोस्तों का भरोसा हो, तो इतिहास रचा जा सकता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस (International Day of Friendship) के अवसर पर दुनिया की उन दिग्गज टेक कंपनियों पर नज़र डालना दिलचस्प है, जिनकी नींव किसी स्थापित उद्योगपति ने नहीं, बल्कि दोस्तों की एक छोटी सी टीम ने रखी थी। हॉस्टल के कमरों, किराए के मकानों और घर के गैराज से शुरू हुए इन 'सपनों' ने आज पूरी दुनिया के काम करने और जीने के तरीके को बदल दिया है। आइए जानते हैं टेक जगत की ऐसी ही 5 ऐतिहासिक जोड़ियों और उनकी कंपनियों के बारे में...

ट्विटर / एक्स (X): चार दोस्तों का साझा विचार
संस्थापक: जैक डॉर्सी, इवान विलियम्स, बिज स्टोन और नोआ ग्लास
शुरुआत: वर्ष 2006
कहानी: ओडियो (Odeo) कंपनी में साथ काम करने वाले इन चार दोस्तों ने एसएमएस आधारित छोटे संदेशों के आदान-प्रदान के लिए 'twttr' का पहला प्रोटोटाइप बनाया। 21 मार्च 2006 को पहला ट्वीट पोस्ट हुआ और यह प्लेटफॉर्म दुनिया की सबसे प्रभावशाली सोशल मीडिया आवाज बन गया। 2022 में एलन मस्क द्वारा अधिग्रहण के बाद इसका नाम 'X' रखा गया, जिसकी एंटरप्राइज वैल्यू लगभग 45 अरब डॉलर है।

फ्लिपकार्ट (Flipkart): दो दोस्तों ने बदली भारत में ई-कॉमर्स की तस्वीर
संस्थापक: सचिन बंसल और बिन्नी बंसल
शुरुआत: वर्ष 2007 (बंगलूरू)
कहानी: IIT दिल्ली के पूर्व छात्र सचिन और बिन्नी ने अमेजन इंडिया की नौकरी छोड़कर बंगलूरू के एक छोटे से अपार्टमेंट से फ्लिपकार्ट की शुरुआत की। 'कैश ऑन डिलीवरी' जैसी नई सोच के साथ ऑनलाइन किताबें बेचने से शुरू हुआ यह सफर भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स क्रांति बना। 2018 में वॉलमार्ट द्वारा अधिग्रहित इस कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन 38.2 अरब डॉलर है।

माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft): बचपन की दोस्ती और कंप्यूटर का जुनून
संस्थापक: बिल गेट्स और पॉल एलन
शुरुआत: वर्ष 1975
कहानी: स्कूल के दिनों के दोस्त बिल गेट्स और पॉल एलन ने 'पॉपुलर इलेक्ट्रॉनिक्स' पत्रिका से प्रेरित होकर 'Altair 8800' के लिए सॉफ्टवेयर बनाने का फैसला किया। 1980 में IBM और 1985 में 'Windows' के साथ हुए समझौतों ने पर्सनल कंप्यूटर क्रांति ला दी। आज माइक्रोसॉफ्ट 3.45 लाख करोड़ डॉलर के मूल्यांकन के साथ एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में अग्रणी है।

गूगल (Google): स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से 'अल्फाबेट' तक
संस्थापक: लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन
शुरुआत: वर्ष 1995 (स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी)
कहानी: शुरुआत में हर बात पर असहमत होने वाले लैरी और सर्गेई की सोच जल्द ही एक हो गई। 1996 में हॉस्टल के कमरे से 'बैकरब' (BackRub) नाम से शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आगे चलकर 'Google' बना। सुसान वोज्सिकी के गैरेज से शुरू हुई यह कंपनी आज 'अल्फाबेट' के रूप में 4.35 लाख करोड़ डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन है।

एपल (Apple): गैराज से शुरू हुआ क्रांति का सफर
संस्थापक: स्टीव जॉब्स और स्टीव वॉजनियाक
शुरुआत: 1 अप्रैल 1976
कहानी: 1971 में एक साझात मित्र के ज़रिए मिले जॉब्स और वॉजनियाक ने इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रति अपने जुनून को एक कंपनी का रूप दिया। वॉजनियाक की तकनीकी क्षमता और जॉब्स की मार्केटिंग रणनीति ने स्टीव जॉब्स के गैरेज से 'एपल-1' की शुरुआत की। मैकिंटोश, आईपॉड और आईफोन जैसे उत्पादों के दम पर आज एपल 4.54 लाख करोड़ डॉलर की वैश्विक टेक दिग्गज बन चुकी है। 

Written by Shailesh Yadav