Budget Session: आज से संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। इसके साथ ही बजट सत्र के हंगामेदार होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं रविवार को
कांग्रेस नेतृत्व ने एक महत्वपूर्ण संसदीय रणनीति समूह की बैठक आयोजित की। बताया जा रहा संसद के बजट सत्र के दौरान संयुक्त रणनीति तैयार करने का फैसला लिया।

मिडिल ईस्ट की हालात पर विदेश मंत्री का बयान

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मिडिल ईस्ट की हालात पर राज्यसभा में एक बयान दिया। अपने बयान में उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि इस संकट का हल बातचीत से निकले। भारत कभी भी जंग का समर्थन नहीं करता।

खाड़ी देशों के हालात सरकार की पूरी नजर

आगे विदेश मंत्री ने बताया कि खाड़ी के देशों की तनावपूर्ण हालात पर भारत सरकार ने नजर बनाए हुए है। इस जंग में लोगों हो रही मौत से भारत दुखी है। हम सभी पक्षों से शांति की अपील करते हैं। इस जंग से आम लोगों का जीवन और कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।

'भारतीयों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता'

उन्होंने आगे कहा कि इस इलाके में रह रहे सभी भारतीयों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए तेहरान में भारतीय दूतावास लगातार काम कर रहा है। इस जंग से ऊर्जा जरूरतों पर पड़ने वाले असर को लेकर भारत पहले ही सतर्क है। पीएम मोदी भी हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

बजट सत्र के पहले चरण में क्या हुआ?

आपको बता दें, पिछले महीने बजट सत्र के पहले चरण के दौरान विपक्ष ने लोकसभा के महासचिव को अविश्वास प्रस्ताव सौंपकर अध्यक्ष को हटाने की मांग की थी। इस प्रस्ताव में ओम बिरला पर पक्षपात रवैया अपनाने का विपक्ष ने आरोप लगाया था। इस प्रस्ताव पर तृणमूल कांग्रेस को छोड़ कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, वामपंथी दलों और अन्य दलों के 118 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे।

पहले चरण में 2026-27 के केंद्रीय बजट हुई थी चर्चा

भाजपा और कांग्रेस ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन पंक्ति का व्हिप जारी कर मंगलवार तक सदन में उपस्थित रहने का निर्देश दिया। बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चला। पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और 2026-27 के केंद्रीय बजट पर चर्चा हुई थी।

Writen By: Geeta Sharma