आज के दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का इस्तेमाल हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। घंटों तक स्क्रीन देखने की वजह से आंखों में थकान, जलन, सूखापन और कमजोर नजर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। यही कारण है कि कम उम्र में भी लोगों को चश्मा लगाना पड़ रहा है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रूप से कुछ योगाभ्यास और आंखों की एक्सरसाइज करने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत रखने, तनाव कम करने और आंखों की कार्यक्षमता बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि केवल योग से चश्मे का नंबर निश्चित रूप से कम हो जाता है। यदि आपकी आंखों में किसी प्रकार की समस्या है, तो नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
त्राटक क्रिया से बढ़ाएं एकाग्रता
त्राटक योग की एक पारंपरिक क्रिया है, जिसमें किसी स्थिर बिंदु या मोमबत्ती की लौ पर बिना पलक झपकाए कुछ समय तक ध्यान केंद्रित किया जाता है। इसके बाद आंखें बंद करके उन्हें आराम दिया जाता है। यह अभ्यास आंखों की एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक शांति पाने में सहायक माना जाता है।
आई रोटेशन से करें आंखों की एक्सरसाइज
गर्दन को सीधा रखते हुए केवल आंखों की पुतलियों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और फिर गोलाकार दिशा में घुमाएं। यह अभ्यास आंखों की मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाली जकड़न को कम कर सकता है।
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अनुलोम-विलोम से मिल सकता है लाभ
अनुलोम-विलोम प्राणायाम शरीर में ऑक्सीजन के बेहतर प्रवाह और मानसिक तनाव को कम करने के लिए जाना जाता है। नियमित अभ्यास से शरीर के साथ-साथ आंखों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
ध्यान रखें
योग और आंखों की एक्सरसाइज आंखों को आराम पहुंचाने और उनकी मांसपेशियों को सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं हुआ है कि इनसे चश्मे का नंबर निश्चित रूप से कम हो जाता है। यदि नजर लगातार कमजोर हो रही है, आंखों में दर्द, धुंधलापन या अन्य परेशानी महसूस हो रही है, तो बिना देरी किए नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
Written by Rozi Sinha