डार्क अंडरआर्म्स की समस्या आजकल महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में भी काफी आम हो गई है। अंडरआर्म्स का कालापन कई लोगों के आत्मविश्वास को प्रभावित करता है, खासकर तब जब वे स्लीवलेस कपड़े पहनना चाहते हैं। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर इंटरनेट या सोशल मीडिया पर बताए गए घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। नींबू, बेकिंग सोडा, टूथपेस्ट और कई तरह के घरेलू मिश्रण अंडरआर्म्स पर लगाने की सलाह दी जाती है, लेकिन त्वचा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उपाय फायदे से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंडरआर्म्स का कालापन केवल साफ-सफाई की कमी की वजह से नहीं होता। इसके पीछे कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। लगातार त्वचा की रगड़, जेनेटिक कारण, हार्मोनल बदलाव, कुछ मेडिकल कंडीशन, बार-बार शेविंग, डियोड्रेंट या परफ्यूम से होने वाली जलन और लंबे समय तक टाइट कपड़े पहनना भी अंडरआर्म्स की पिगमेंटेशन बढ़ा सकता है। इसलिए केवल घरेलू उपाय अपनाकर इस समस्या को दूर करने की कोशिश करना सही नहीं है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि नींबू और बेकिंग सोडा जैसी चीजें त्वचा पर काफी कठोर प्रभाव डाल सकती हैं। इनका इस्तेमाल करने से स्किन बैरियर कमजोर हो सकता है, जिससे जलन, लालपन, खुजली और इरिटेशन की समस्या हो सकती है। कई मामलों में इससे पिगमेंटेशन पहले से भी ज्यादा बढ़ जाती है और त्वचा को ठीक होने में लंबा समय लग सकता है।

अगर अंडरआर्म्स की रंगत को सुरक्षित तरीके से बेहतर बनाना है तो सबसे पहले उनकी नियमित देखभाल जरूरी है। अंडरआर्म्स को भी शरीर के अन्य हिस्सों की तरह मॉइस्चराइज करना चाहिए। खासकर शेविंग के बाद फ्रेगरेंस-फ्री मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा का बैरियर मजबूत रहता है और ड्राईनेस या जलन की संभावना कम होती है।

इसके अलावा सप्ताह में एक या दो बार हल्के तरीके से एक्सफोलिएशन करना भी फायदेमंद माना जाता है। इससे डेड स्किन सेल्स, डियोड्रेंट के अवशेष और बैक्टीरिया साफ होते हैं, जिससे त्वचा अधिक साफ और स्वस्थ दिखाई देती है। हालांकि एक्सफोलिएशन हमेशा हल्के हाथों से और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

written by Rozi Sinha