भारत में रोजाना लाखों लोग ऑफिस, कॉलेज और दूसरे जरूरी कामों के लिए बाइक का इस्तेमाल करते हैं। हर राइडर चाहता है कि उसकी बाइक बेहतर माइलेज दे और लंबे समय तक बिना किसी दिक्कत के चले। इसके लिए लोग अक्सर इंजन ऑयल, पेट्रोल की क्वालिटी और टायरों का ध्यान रखते हैं, लेकिन बाइक की चेन की देखभाल को नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही धीरे-धीरे बाइक की परफॉर्मेंस और माइलेज दोनों पर असर डाल सकती है।

माइलेज में क्या भूमिका निभाती है बाइक की चेन?

बाइक की ड्राइव चेन इंजन से मिलने वाली ताकत को पिछले पहिए तक पहुंचाने का काम करती है। यदि चेन सही टेंशन में हो और उस पर पर्याप्त लुब्रिकेशन किया गया हो, तो पावर का ट्रांसफर आसानी से होता है। लेकिन चेन जरूरत से ज्यादा ढीली या अत्यधिक टाइट होने पर घर्षण बढ़ जाता है। ऐसे में इंजन को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ सकती है और माइलेज कम हो सकता है। इसके अलावा यदि चेन पर धूल-मिट्टी जमा हो, उसमें जंग लग जाए या समय पर लुब्रिकेशन न किया जाए, तो बाइक की स्मूदनेस और एक्सीलरेशन भी प्रभावित होते हैं।

कैसे पता करें कि चेन ढीली हो गई है?

कुछ संकेत बताते हैं कि बाइक की चेन एडजस्टमेंट मांग रही है। यदि बाइक चलाते समय पीछे से खटखटाहट जैसी आवाज आए, गियर बदलते समय झटका महसूस हो या एक्सीलरेशन देने पर बाइक पहले जैसी स्मूद न लगे, तो चेन की जांच करानी चाहिए। घर पर भी इसकी जांच आसान है। बाइक को डबल स्टैंड पर खड़ा करें और हाथ से चेन को ऊपर-नीचे हिलाकर देखें। अगर चेन जरूरत से ज्यादा लटक रही है या चेन कवर से टकरा रही है, तो उसकी टेंशन सही कराने की जरूरत हो सकती है। सामान्य तौर पर अधिकांश बाइकों में चेन का फ्री प्ले करीब 20 से 30 मिलीमीटर के बीच होना चाहिए। हालांकि सही माप के लिए अपनी बाइक के ओनर मैनुअल को जरूर देखें।

क्या ज्यादा टाइट चेन भी पहुंचाती है नुकसान?

कई लोगों को लगता है कि चेन जितनी ज्यादा टाइट होगी, उतना बेहतर रहेगा, लेकिन यह धारणा सही नहीं है। जरूरत से ज्यादा कसी हुई चेन इंजन, गियरबॉक्स, स्प्रोकेट और बेयरिंग पर अतिरिक्त दबाव डालती है। इससे चेन और अन्य पार्ट्स तेजी से घिस सकते हैं। लंबे समय तक ऐसा रहने पर चेन के टूटने का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसलिए चेन की टेंशन हमेशा कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही रखनी चाहिए।

ये गलतियां भी कम कर सकती हैं बाइक का माइलेज

सिर्फ चेन ही नहीं, कई दूसरी बातें भी बाइक की फ्यूल एफिशिएंसी को प्रभावित करती हैं। बार-बार तेज एक्सीलरेशन करना, अचानक ब्रेक लगाना, गलत गियर में बाइक चलाना और जरूरत से ज्यादा वजन ढोना इंजन पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इसके अलावा कम हवा वाले टायर, गंदा एयर फिल्टर, खराब स्पार्क प्लग, समय पर इंजन ऑयल न बदलना और नियमित सर्विसिंग को टालना भी माइलेज कम होने की प्रमुख वजहें हैं।

 

 

Written By Toshi Shah