आज के समय में कई महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह लिए ही अबॉर्शन पिल्स लेने का निर्णय कर लेती हैं। ये दवाएं भले ही मेडिकल स्टोर या ऑनलाइन आसानी से मिल जाती हों, लेकिन इनके गलत इस्तेमाल से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। थोड़ी सी लापरवाही न सिर्फ आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है, बल्कि भविष्य में मां बनने की क्षमता पर भी असर डाल सकती है। इसलिए इन दवाओं के बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।
क्या होती हैं अबॉर्शन पिल्स
अबॉर्शन पिल्स के जरिए गर्भपात को मेडिकल टर्म में “मेडिकल अबॉर्शन” कहा जाता है। इसमें आमतौर पर दो प्रकार की दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है।
मिफेप्रिस्टोन (Mifepristone)
यह दवा प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को रोकती है, जो गर्भावस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी होता है।
मिसोप्रोस्टोल (Misoprostol)
यह गर्भाशय को संकुचित करके गर्भ के ऊतकों को बाहर निकालने में मदद करती है। इन दवाओं का उपयोग आमतौर पर गर्भावस्था के शुरुआती 10 हफ्तों के भीतर किया जाता है।
बिना सही जानकारी के अबॉर्शन पिल्स लेने के नुकसान
तेज पेट दर्द और ऐंठन
दवाओं के असर से गर्भाशय सिकुड़ता है, जिससे दर्द और क्रैम्प्स हो सकते हैं।
अधिक ब्लीडिंग
सामान्य पीरियड की तुलना में ज्यादा खून बह सकता है और खून के थक्के भी आ सकते हैं।
मतली और उल्टी
दवा लेने के बाद पेट खराब, जी मिचलाना या उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है।
थकान और सिरदर्द
शरीर में कमजोरी, चक्कर या सिरदर्द महसूस हो सकता है।
बुखार या ठंड लगना
हल्का बुखार या कंपकंपी भी हो सकती है, जो शरीर की प्रतिक्रिया होती है।
जरूरी सावधानियां
- अबॉर्शन पिल्स हमेशा डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही लें।
- दवा लेने के बाद फॉलो-अप जरूर कराएं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि गर्भपात पूरी तरह से हुआ है।
- यदि अत्यधिक ब्लीडिंग, तेज दर्द या बुखार लंबे समय तक बना रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- भविष्य में अनचाही प्रेग्नेंसी से बचने के लिए सही गर्भनिरोधक उपाय अपनाएं।
- मानसिक रूप से असहज महसूस होने पर काउंसलिंग या भरोसेमंद लोगों से बात करें।
Written By Toshi Shah