AI Robot Waiter China: चीन के हांगझोऊ में अब रेस्टोरेंट्स का अनुभव पूरी तरह बदल चुका है, जहां AI रोबोट वेटर ग्राहकों से बातचीत करने के बजाय उनकी जीभ और चेहरे को स्कैन करते हैं। इसके बाद ये रोबोट पाचन और मूड के आधार पर सही डिश की सलाह देते हैं,जैसे ‘थ्री कप चिकन’ या सूप नूडल्स। खास बात यह है कि ये रोबोट 100 से ज्यादा व्यंजन बनाने में सक्षम हैं और कुकिंग के दौरान इंसानी शेफ की तरह हर मूव, चाहे कड़ाही चलाना हो या आंच को नियंत्रित करना, बिल्कुल वैसा ही दोहराते हैं।
चेहरा और जीभ बताएंगे आपकी सही डाइट (AI की मदद से हेल्दी खाने का सुझाव)
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये AI रोबोट सिर्फ खाना सुझाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आपकी लाइफस्टाइल और भावनाओं को भी समझने की कोशिश करते हैं। जब कोई ग्राहक इनके सामने आता है, तो ये कुछ आसान सवाल पूछकर और AI के जरिए विश्लेषण कर यह तय करते हैं कि मौसम और आपकी सेहत के अनुसार आपके लिए कौन सा खाना सही रहेगा। हैरानी की बात यह है कि 70 साल तक के बुजुर्ग भी इस तकनीक को देखकर चौंक जाते हैं। वहीं, ग्राहकों का कहना है कि रोबोट के बनाए खाने का स्वाद इंसानों के हाथ के खाने जैसा ही होता है।
रोबोट के खाने का स्वाद और कीमत दोनों में फायदा
एक ग्राहक के अनुसार, रोबोट द्वारा बनाए गए खाने का स्वाद इंसानों के हाथ के खाने जैसा ही होता है—न ज्यादा नमकीन, न ज्यादा तैलीय, बल्कि बिल्कुल पसंद के अनुसार। लोगों का यह भी कहना है कि रोबोट आने के बाद खाने की कीमत कम हो गई है। युहांग जिले की हैशु कम्युनिटी कैंटीन में, जहां दो रोबोट काम करते हैं, पहले एक भोजन पर 18–20 युआन खर्च होते थे, जो अब घटकर 15–18 युआन रह गए हैं। इतना ही नहीं, हांगझोऊ ही नहीं बल्कि चीन के अन्य शहरों में भी यह तकनीक अपनाई जा रही है। पिछले साल शंघाई के एक टेक्निकल स्कूल ने भी अपनी कैंटीन में रोबोट लगा दिए, जिससे किचन का ज्यादातर काम अब मशीनें संभाल रही हैं।
Written By - Namita Verma