लाइफस्टाइल
क्या आपको भी पोहा खाने के बाद होती है गैस और बेचैनी? भूलकर भी न करें ये गलती, जानें किन लोगों के लिए है नुकसानदेह
क्या पोहा खाने के बाद आपको गैस या भारीपन महसूस होता है? डायबिटीज, मोटापे और पाचन की समस्या वाले लोगों के लिए पोहा खतरनाक हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर ।
मध्य प्रदेश से लेकर बिहार और महाराष्ट्र तक, पोहा एक ऐसा नाश्ता है जो हर घर की पहली पसंद है। हल्का और स्वाद में लाजवाब होने के कारण इसे अक्सर एक सेहतमंद विकल्प माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही पोहा कुछ लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है? जी हां, भले ही यह दिखने में हल्का लगे, लेकिन कई लोगों को इसे खाते ही पेट फूलने और गैस जैसी गंभीर परेशानियां होने लगती हैं। अगर आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है।
पोहा किसे नहीं खाना चाहिए?
गैस और पेट फूलने की समस्या
पोहा मूल रूप से चावल से तैयार किया जाता है। चावल की प्रकृति और इसमें मौजूद फाइबर की वजह से कुछ लोगों का पाचन तंत्र इसे आसानी से स्वीकार नहीं कर पाता। विशेषज्ञों की मानें तो जिन लोगों को पहले से ही अपच, एसिडिटी या IBS (Irritable Bowel Syndrome) की समस्या है, उन्हें पोहा खाने के बाद पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। यह पेट में जाकर फूलता है और धीरे पचता है, जिससे गैस और सीने में जलन जैसी समस्या पैदा हो जाती है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए ये है अभिषाप
डायबिटीज या मधुमेह से जूझ रहे लोगों के लिए पोहा किसी मीठे जहर से कम नहीं है। चूंकि यह चावल का ही एक रूप है, इसलिए इसमें कार्बोहाइड्रेट और ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी अधिक होता है। इसे खाने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल अचानक से बढ़ सकता है। अगर आपको पोहा बहुत पसंद है, तो डॉक्टर की सलाह पर इसमें ढेर सारी सब्जियां मिलाकर बहुत ही सीमित मात्रा में खाएं, वरना यह आपकी सेहत बिगाड़ सकता है।
एलर्जी और मोटापे का खतरा
बहुत से लोग वजन कम करने के चक्कर में पोहा को एक 'डाइट फूड' समझकर खाते हैं, लेकिन यह एक बड़ी गलतफहमी है। पोहा में कैलोरी की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो वजन घटाने के बजाय उसे बढ़ा सकती है। इसके अलावा, जिन लोगों को चावल या उससे बनी चीजों से एलर्जी है, उन्हें पोहा खाने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को इसे खाने के बाद शरीर में खुजली, सूजन या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कैसे खाएं ताकि न हो परेशानी?
अगर आप पूरी तरह से पोहा नहीं छोड़ सकते, तो इसे बनाने का तरीका बदलें। इसमें मूंगफली की जगह उबली हुई सब्जियां ज्यादा डालें और नींबू का रस भरपूर इस्तेमाल करें, जिससे यह पचने में थोड़ा आसान हो जाए। साथ ही, शाम के समय या रात में पोहा खाने से बचें, क्योंकि उस वक्त पाचन क्रिया धीमी होती है और यह आपके पेट में गैस का गोला बना सकता है।
Written by: Anushka Sagar
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।