Ujjain Hyderabad Expressway: उज्जैन और इंदौर की दक्षिण भारत से कनेक्टिविटी को लेकर बड़े स्तर पर सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। सिंहस्थ-2028 से पहले इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर और इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के जरिए मध्य प्रदेश को महाराष्ट्र और तेलंगाना से बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। परियोजनाएं पूरी होने के बाद उज्जैन से हैदराबाद की करीब 770 किलोमीटर की यात्रा मौजूदा समय की तुलना में काफी कम समय में पूरी हो सकेगी।
फिलहाल उज्जैन से हैदराबाद पहुंचने में सड़क मार्ग से लंबा वक्त लग जाता है। नए हाई स्पीड रूट के तैयार होने के बाद इस सफर को करीब 11 घंटे में पूरा करने का लक्ष्य बताया जा रहा है। इसमें इंदौर-उज्जैन कनेक्टिविटी भी अहम कड़ी होगी।इंदौर और उज्जैन के बीच बन रहे ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय भी कम होने की उम्मीद है। इसके बाद इंदौर से दक्षिण की तरफ जाने वाला नया कॉरिडोर यात्रियों को बेहतर और ज्यादा सुगम सड़क मार्ग उपलब्ध करा सकता है।
सिंहस्थ से पहले दक्षिण भारत के यात्रियों को फायदा
उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ का आयोजन होना है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर के जरिए महाराष्ट्र और तेलंगाना की तरफ से आने वाले यात्रियों को उज्जैन तक पहुंचने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। अकोला, नांदेड़ समेत दक्षिण की ओर जाने वाले प्रमुख क्षेत्रों के साथ भी सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर पर तेजी से चल रहा काम
इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर को भारतमाला परियोजना से जोड़कर विकसित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में इंदौर-इच्छापुर हिस्से को दिसंबर 2026 तक शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है, जबकि पूरे कॉरिडोर के मार्च 2027 तक तैयार होने की उम्मीद जताई गई है।दूसरी तरफ सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए इंदौर-उज्जैन के बीच करीब 2,935 करोड़ रुपये की लागत से 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। दोनों परियोजनाओं के जुड़ने से उज्जैन को दक्षिण भारत की ओर जाने वाले हाई स्पीड रोड नेटवर्क से सीधा फायदा मिल सकता है।
घाट सेक्शन में सुरंगों से सफर होगा सुरक्षित
मध्य प्रदेश के हिस्से में पहाड़ी और घाट क्षेत्रों को पार करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। भेरुघाट, चोराल घाट और बैग्राम क्षेत्र में सुरंगों का निर्माण इसी परियोजना का हिस्सा बताया गया है।इन निर्माण कार्यों का उद्देश्य घुमावदार और कठिन घाट सेक्शन को कम करना है। परियोजना पूरी होने के बाद इन हिस्सों में वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
तेलंगाना में NH-161 के हिस्से खुले
इंदौर-हैदराबाद कनेक्टिविटी से जुड़े रूट में तेलंगाना की तरफ NH-161 के कई हिस्सों को पहले ही यातायात के लिए खोला जा चुका है। ऐसे में मध्य प्रदेश वाले हिस्से का काम पूरा होने के बाद इंदौर से दक्षिण भारत की ओर जाने वाला सड़क नेटवर्क और ज्यादा जुड़ जाएगा।सिंहस्थ-2028 के दौरान यह कनेक्टिविटी उज्जैन आने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हालांकि वास्तविक यात्रा समय ट्रैफिक, मौसम, वाहन की गति और पूरे कॉरिडोर के संचालन की स्थिति पर निर्भर करेगा।