नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। महुआ मोइत्रा ने CEC पर प्रक्रिया से जुड़े नियमों के उल्लंघन, एकतरफा फैसला लेने और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।

हालांकि, ये आरोप महुआ मोइत्रा की ओर से लगाए गए हैं। चुनाव आयोग ने पहले कहा है कि बहु-सदस्यीय आयोग में ड्राफ्ट प्रक्रिया के दौरान सुझाव, तकनीकी अवधारणाओं और आंतरिक चर्चा सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती है।

CEC एक्ट 2023 की कानूनी सुरक्षा पर उठाया सवाल

महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और पद की अवधि) अधिनियम, 2023 का जिक्र करते हुए कहा कि कानून के तहत मिलने वाली सुरक्षा तभी लागू होनी चाहिए जब आयोग एक सामूहिक संस्था के रूप में काम करे। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर उम्मीदवारों को लेकर मतभेद सामने आए हैं।

SIR प्रक्रिया को लेकर लगाए आरोप

महुआ मोइत्रा ने एक मीडिया रिपोर्ट का हल देते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया से जुड़े उम्मीदवारों पर कई बार आपत्ति जताई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में नए उम्मीदवारों को जोड़ने को लेकर फॉर्म-6 में बदलाव किए गए और जमीनी स्तर के अधिकारियों को पूरी जानकारी नहीं दी गई।

वोटर लिस्ट से जुड़े आंकड़ों पर भी सवाल

TMC सांसद ने पश्चिम बंगाल में लाखों उम्मीदवारों के नाम को लेकर भी सवाल उठाए और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।

उन्होंने दावा किया कि कई उम्मीदवारों के नाम प्रक्रिया के कारण प्रभावित हुए। इन उम्मीदवारों पर चुनाव आयोग की ओर से अलग-अलग मौकों पर प्रक्रिया संबंधी स्पष्टीकरण दिया गया है।

SIR को लेकर पहले भी सामने आई थी रिपोर्ट

यह मामला उस समय सामने आया है जब इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने में SIR से जुड़े चुनावों और गतिविधियों पर कई बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं। चुनाव आयोग ने कहा है कि अंतिम निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।

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