tarang shakti 2026: भारतीय वायुसेना का मेगा बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास Exercise Tarang Shakti 21 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन राजस्थान के जोधपुर एयरफोर्ट स्टेशन पर किया गया है। इसका थीम 'एक साथ, एक संकल्प-सुरक्षित आकाश, सशक्त भविष्य' रखा गया है। इसमें 8 देश और 30 से ज्यादा ऑब्जर्वर देश शामिल होंगे। इस युद्धाभ्यास में शामिल होने वाले भारतीय लड़ाकू विमानों के उड़ाने का अभ्यास भी इसमें शामिल है।
Exercise Tarang Shakti is back.
— Indian Air Force (@IAF_MCC) September 21, 2026
Exercise Tarang Shakti 2026 returns as India’s premier multinational air exercise, bringing global Air Forces together for high-octane joint tactical maneuvers.
Stay tuned as elite aviators take to the skies!
#TarangShakti2026 #IAF… pic.twitter.com/2lVs2BHd8H
युद्ध जैसी परिस्थितियों में ऑपरेशन की ट्रेनिंग करेंगे
तरंग शक्ति 2026’ में 8 प्रतिभागी देश भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, यूएई, ग्रीस, श्रीलंका, ब्रिटेन, जापान, सिंगापुर शामिल हैं। इसके अलावा 30 ऑब्जर्वर (पर्यवेक्षक) देश और बांग्लादेश की एयरफोर्स शामिल होंगी। इस अभ्यास में अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमान युद्ध जैसी परिस्थितियों में ऑपरेशन की ट्रेनिंग करेंगे और एक-दूसरे के साथ अपनी रणनीति साझा करेंगे।
इसका मकसद एयरफोर्स के बीच बेहतर तालमेल और साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ाना है। विभिन्न देशों की वायु सेनाओं के बीच तालमेल, सामरिक समन्वय और संयुक्त अभियान की क्षमता को मजबूत करने के लिए इस युद्ध अभ्यास का आयोजन किया गया है।
X पर भारतीय वायु सेना ने किया पोस्ट
भारतीय वायु सेना की तरफ से X पर पोस्ट कर जानकारी दी गई है। जिसमें भारतीय वायु सेना ने राजस्थान के जोधपुर में तरंग शक्ति अभ्यास के दूसरे संस्करण की मेजबानी की जानकारी दी। तरंग शक्ति अभ्यान में कई देशों की वायु सेनाएं संयुक्त हवाई अभियानों, सामरिक प्रशिक्षण और अंतर संचालनीयता अभ्यासों के लिए एक साथ आएंगी।
यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्तूबर तक आयोजित होगा। X पर पोस्ट कर भारतीय वायुसेना ने बताया कि तंरग शक्ति अभ्यास वापस आ गया है। साल 2026 संस्करण को भारत का प्रमुख बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास बताते हुए वैश्विक वायु सेनाएं संयुक्त सामरिक युद्धाभ्यास के लिए एक साथ आएंगी।
जटिल हवाई मिशनों को अंजाम देने का अभ्यास
आज से तंरग शक्ति 2026 दूसरा संस्करण आयोजित होगा। जो साल 2024 में भारतीय वायु सेना द्वारा पहले बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास के बाद आयोजित किया जा रहा है। साल 2026 के संस्करण से शामिल होने वाली वायु सेनाओं को एक साथ प्रशिक्षण देने, परिचालन पद्धतियों का आदान-प्रदान करने और जटिल हवाई मिशनों को अंजाम देने का अवसर दिया जाएगा। यह अभ्यास भारत-जापान के हवाई युद्ध अभ्यास वीर गार्जियन 2026 के तुरंत बाद आयोजित किया जा रहा है।
भारतीय वायु सेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास
राजस्थान के जोधपुर में तरंग शक्ति 2026 आयोजित किया जा रहा है और 22 सितंबर को समाप्त होने वाला है। तरंग शक्ति अभ्यास भारतीय वायु सेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है, जिसे मित्र देशों की वायु सेनाओं को संयुक्त प्रशिक्षण, सामरिक समन्वय और अंतर संचालनीयता के लिए एक साथ लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
2 चरणों में आयोजित हुआ कार्यक्रम
इसका पहला संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था और इसे 2 चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण तमिलनाडु के सुलूर में आयोजित हुआ और दूसरा चरण राजस्थान के जोधपुर में आयोजित किया गया। साल 2024 के अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, सिंगापुर, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका सहित कई देशों की वायु सेनाओं ने भाग लिया। इसमें भारतीय वायु सेना के साथ लड़ाकू विमानों और अन्य हवाई संपत्तियों का संचालन किया गया।
मिशन-योजना दृष्टिकोणों को समझा जाएगा
इसमें भाग लेने वाली सेनाओं को जटिल हवाई अभियानों का अभ्यास करने और परिचालन अनुभव साझा करने का अवसर मिला। इस अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाली वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता में सुधार करना और उन्हें विभिन्न परिचालन प्रक्रियाओं, रणनीतियों और मिशन-योजना दृष्टिकोणों को समझने का अवसर प्रदान करना है। भारतीय वायु सेना के लिए, यह अपने स्वदेशी और अग्रणी विमानों को विदेशी विमानों के साथ प्रदर्शित करने और संचालित करने का एक मंच भी प्रदान करता है।