SIR Notice: चुनाव आयोग द्वारा विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को SIR मामले में नोटिस जारी किया है। इसके बाद बीजेपी के तमाम नेताओं द्वारा विपक्ष का घेराव करते हुए प्रतिक्रिया सामने आ रही है। बिहार के पटना में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी एस. जयशंकर, पूर्व सेना प्रमुख और सीबीआई निदेशक को भेजे गए नोटिस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, SIR का नोटिस मिलना मतलब नाम कटना नहीं है। बता दें कि यह नोटिस रिकॉर्ड में विसंगतियों के संबंध के बाद जारी किए गए हैं।
#WATCH पटना (बिहार): बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने एस. जयशंकर, पूर्व सेना प्रमुख और सीबीआई निदेशक को भेजे गए नोटिस पर कहा, "स्पष्ट दिखाई देता है कि विपक्ष का जो आरोप था कि भाजपा SIR के माध्यम से वोट चोरी कर रही है और विपक्षों का नाम काट रही है तो ये स्पष्ट दिखाई देता है कि… pic.twitter.com/9U1iyNx9Ao
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 21, 2026
30 दिनों का समय दिया
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि इससे साफ हो गया है कि विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है। विपक्ष आरोप लगा रहा था कि भाजपा SIR के जरिए वोट चोरी कर रही है और लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं।
लेकिन चुनाव आयोग की ओर से जारी नोटिस से साफ है कि कई बड़े लोगों को भी एक समान प्रक्रिया के अंतर्गत नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नोटिस मिलने के बाद संबंधित लोगों को अपनी आपत्तियां और दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों का समय दिया जाएगा। इसके बाद सभी दस्तावेजों और आपत्तियों की जांच की जाएगी और फिर स्थिति स्पष्ट होगी।
नोटिस मिलने का मतलब नाम कटना नहीं
संजय सरावगी ने कहा कि SIR का नोटिस मिलना नाम कटने का मतलब नहीं है। नोटिस का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को अपनी जानकारी और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया में सभी के लिए समान नियम लागू किए जा रहे हैं और सभी को एक समान तरीके से नोटिस दिया जा रहा है।
चुनाव आयोग ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को दिल्ली में SIR के तहत नोटिस भेजा है। इनमें सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद और पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी शामिल हैं। नोटिस मतदाता रिकॉर्ड में गड़बड़ी या पुराने रिकॉर्ड से मिलान न होने पर दिए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का मतलब नाम मतदाता सूची से हटना नहीं है।
इन्हें भेजा नोटिस
एसआईआर के तहत चुनाव आयोग की तरफ से एस जयशंकर, सीबीआई के डायरेक्टर प्रवीण सूद और उनका परिवार, पूर्व आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी और उनकी पत्नी, सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई, पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, सांसद बांसुरी स्वराज, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को नोटिस भेजा गया है।
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