त्रिपुरा: त्रिपुरा में आपात स्थिति के दौरान मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को अब ट्रैफिक में फंसने से बचाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा है कि राज्य में इमरजेंसी के समय एंबुलेंस की तेज और निर्बाध आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री के मुताबिक गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलना बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों में अस्पताल तक पहुंचने में कुछ मिनट की देरी भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
इमरजेंसी में एंबुलेंस को नहीं रोकेंगे वाहन
ग्रीन कॉरिडोर का उद्देश्य एंबुलेंस को अस्पताल तक पहुंचने के लिए लगातार रास्ता उपलब्ध कराना है। जब किसी गंभीर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना होगा, तब संबंधित मार्ग पर ट्रैफिक को नियंत्रित कर एंबुलेंस के लिए रास्ता साफ कराया जा सकेगा।
इस व्यवस्था में ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल अहम होगा। एंबुलेंस की लोकेशन और उसके रूट की जानकारी के आधार पर रास्ते में आने वाले ट्रैफिक को नियंत्रित किया जा सकता है।
मरीजों को समय पर इलाज पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और इमरजेंसी के दौरान मरीजों को जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया। ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था खास तौर पर गंभीर मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है।
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। एंबुलेंस के लिए निर्बाध मार्ग उपलब्ध होने से अस्पताल पहुंचने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिल सकती है।
कैसे काम करता है Green Corridor?
ग्रीन कॉरिडोर एक ऐसी विशेष ट्रैफिक व्यवस्था है, जिसमें आपात स्थिति में एंबुलेंस के लिए सड़क पर लगातार रास्ता उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए ट्रैफिक सिग्नल और सड़क पर मौजूद वाहनों को जरूरत के मुताबिक नियंत्रित किया जाता है।
एंबुलेंस के गुजरने के बाद सामान्य ट्रैफिक व्यवस्था बहाल कर दी जाती है। गंभीर मरीजों, अंग प्रत्यारोपण और अन्य मेडिकल इमरजेंसी में देश के कई हिस्सों में इस तरह की व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है। त्रिपुरा सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था का मकसद भी इमरजेंसी के दौरान एंबुलेंस को जल्द से जल्द अस्पताल तक पहुंचाना और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में मदद करना है।
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