Ramji Lal Suman: राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के सदस्य सचिव डॉ. सचिदानंद जोशी के खिलाफ आरक्षण नियमों के उल्लंघन, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

28 सितंबर 2026 को लिखे गए इस पत्र में सांसद ने कहा कि उन्हें आशुतोष मिश्रा की ओर से भेजे गए ईमेल और उससे जुड़े दस्तावेज मिले हैं। उनके मुताबिक इन दस्तावेजों में डॉ. जोशी के खिलाफ नियुक्तियों में आरक्षण नियमों के उल्लंघन, पक्षपात, पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

नियुक्तियों और रोस्टर की जांच की मांग

पत्र में कहा गया है कि डॉ. सचिदानंद जोशी के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय, रायपुर के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों, छत्तीसगढ़ लोक आयोग की टिप्पणियों और संबंधित न्यायिक फैसलों का भी संज्ञान लिया जाना चाहिए।सांसद ने यह भी मांग की है कि IGNCA के वाराणसी, रांची और अन्य क्षेत्रीय केंद्रों में हुई नियुक्तियों, पदोन्नतियों, बजट आवंटन, खर्च और ऑडिट रिपोर्ट की जांच कराई जाए। उन्होंने खास तौर पर आरक्षण रोस्टर के पालन और कथित नियम विरुद्ध फैसलों की भी जांच की मांग उठाई है।

स्वतंत्र एजेंसी से समयबद्ध जांच की अपील

रामजी लाल सुमन ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि किसी सक्षम और स्वतंत्र जांच एजेंसी से समयबद्ध जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो डॉ. सचिदानंद जोशी के खिलाफ नियमों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाए।

CVC को भी भेजी गई प्रति

पत्र की प्रति केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के आयुक्त को भी भेजी गई है, ताकि मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) के सदस्य सचिव डॉ. सचिदानंद जोशी के विरोध में निम्न लोग लिख चुके हैं पत्र:

राजद सांसद का पत्र:  सांसद सुधाकर सिंह ने लिखा PM मोदी को पत्र: विधिक कार्रवाई की अनुशंसा के बाद भी डॉ. सच्चिदानंद जोशी को कैसे मिला ऊंचा पद?

सपा विधायक का पत्र: चर्चित विधायक ने पीएम मोदी को लिखा पत्र,IGNCA के सदस्य-सचिव सच्चिदानंद जोशी को पद से हटाने की मांग

प्रो. आनंद कुमार का पत्र:  सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र: सच्चिदानंद जोशी को भारतीय विरासत संस्थान के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार सौंपे जाने का विरोध किया