नई दिल्ली: भारत की क्लिनिकल रिसर्च क्षमताओं को मज़बूत करने और ग्लोबल क्लिनिकल ट्रायल में देश की भागीदारी बढ़ाने के लिए, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER), रायबरेली और एस्ट्राज़ेनेका इंडिया ने मिलकर काम करने का फ़ैसला किया है।
भारत के 25 उभरते रिसर्च इलाकों में तैयार होंगी साइट्स
इस सहयोग का उद्देश्य उभरते भौगोलिक क्षेत्रों में क्लिनिकल रिसर्च से जुड़ी क्षमताओं को विकसित और सुदृढ़ करना है। इसके माध्यम से वे क्लिनिकल ट्रायल की क्षमताएँ बढ़ाएँगे और भारत के 25 उभरते रिसर्च इलाकों में ट्रेंड वर्कफ़ोर्स और इंस्पेक्शन के लिए तैयार साइट्स बनाएँगे। नई दिल्ली में बुधवार को रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फ़ार्मास्युटिकल्स विभाग के सचिव मनोज जोशी की मौजूदगी में इस MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
'बायोफ़ार्मा शक्ति' के विज़न को आगे बढ़ाने की भागीदारी
यह भागीदारी 'बायोफ़ार्मा शक्ति' के विज़न को आगे बढ़ाता है, जो भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य एक मज़बूत बायोफ़ार्मा इकोसिस्टम बनाना है, जिसमें देश भर में 1,000 क्लिनिकल ट्रायल साइट्स स्थापित करना शामिल है। इस सहयोग की शुरुआत 25 क्लिनिकल ट्रायल साइट्स को अपनाने, उनकी क्षमताओं का आकलन करने, टारगेटेड ट्रेनिंग और मेंटरिंग देने, और एथिक्स, सुरक्षा और ट्रायल की व्यवहार्यता से जुड़ी डॉक्यूमेंटेशन और सपोर्ट प्रक्रियाओं को मज़बूत करने से होगी।
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