PM Modi 76th Birthday: आज भारत के 14वें प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी का 76वां जन्मदिन है। 26 मई 2014 से अभी तक लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के पद पर आसीन स्वतन्त्र भारत में जन्मे प्रथम व्यक्ति हैं। पीएम मोदी वाराणसी से लोकसभा सांसद हैं। तो चलिए आपको बताते हैं पीएम मोदी के संघर्ष भरे जीवन की कहानी?
गुजरात में हुआ था जन्म
गुजरात के वडनगर में हीराबेन और दामोदरदास मोदी के घर में नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को हुआ। साल 1955 में वडनगर प्राथमिक कुमार शाला में उनकी पढ़ाई शुरू हुई। साल 1957 में जब वह स्कूल में पढ़ते थे तो वहां से सीधा वह अपने पिता की चाय की दुकान पर जाते और उनकी मदद करते थे।
साल 1962 में भारत-चीन युद्ध ने उनके दिल को झकझोर कर रख दिया। उन्होंने जामनगर के सैनिक स्कूल बालाचड़ी में दाखिले के लिए आवेदन किया। लेकिन वह दाखिला नहीं ले पाए। करीब 12 साल की उम्र में उन्होंने गांधीवादी नेताओं के साथ गोरक्षा को लेकर पहला उपवास किया था।
युद्ध के समय सैनिकों को पिलाते थे चाय
प्रधानमंतत्री नरेंद्र मोदी की अपनी अधिकारिक वेबसाइट नरेंद्र मोदी डॉट इन पर जानकारी साझा की। जहां उन्होंने बता कि साल 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय वह गुजरात के मेहसाणा रेलवे स्टेशन पर सीमा की ओर जाने और वहां से वापस लौटने वाले वाले सैनिकों को चाय पिलाते थे। 8 साल की उम्र में वह आरएसएस से जुड़े।
2 साल की भारत की यात्रा
नरेंद्र दामोदर दास मोदी की शुरूआती पढ़ाई काफी संघर्ष वाली रही है। नरेंद्र मोदी ने जब स्नातक की पढ़ाई पूरी की तो उन्होंने अपना घर छोड़ दिया और 2 साल तक भारत में यात्रा की। उन्होंने अनेकों धार्मिक केन्द्रों का दौराउन्होंन 1969 के अंत में वह गुजरात लौटे जहां से वह अहमदाबाद चले गए। 1971 में वह आरएसएस के लिए पूर्णकालिक कार्यकर्ता बन गए।
साल 1987 में राजनीतिक सफर हुआ शुरु
अब हम नरेंद्र मोदी के पीएम बनने तक के राजनीति में एंट्री को लेकर बात करते हैं? तो पीएम मोदी एक ऐसे सफल नेता रहे हैं जिन्होंने राजनीति करियर में कई मिसाल पेश की हैं। उनका सफल बेहद दिलचस्प भरा है क्योंकि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे तब वह विधायक भी नहीं थे। गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए की पढ़ाई करने वाले नरेंद्र दामोदर दास मोदी ने छोटी उम्र से ही RSS से जुड़े। साल 1987 में नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर शुरु हुआ।
साल 1998 में बने भाजपा के महासचिव
पीएम नरेंद्र मोदी साल 1988 में गुजरात बीजेपी संघ के महासचिव बने। साल 1995 में पीएम नरेंद्र मोदी को भाजपा का राष्ट्रीय संघ सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने साल 1995 और 1998 के गुजरात विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभाई। जिसके बाद वह गुजरात की सत्ता का मुख्य चेहरा बने। उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी की सोमनाथ से अयोध्या रथ यात्रा और मुरली मनोहर जोशी की कन्याकुमारी से कश्मीर तक चलाए जाने वाले कार्यक्रम में भी बड़ी भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने राज्यों में पार्टी संगठन सुधारने की जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाया। साल 1998 में वह भाजपा के महासचिव बने।
ऐसे बने पीएम
साल 2001 में पीएम मोदी ने दिल्ली में पार्टी के लिए काम किया था। 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव लड़ा। भाजपा ने उनके नेतृत्व में भारी बहुमत देकर जीत दर्ज की। इसके बाद नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। दरअसल साल 1984 के बाद पहली बार देश में किसी एक पार्टी को बहुमत मिला था। इसके बाद उन्होंने साल 2019 लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ जीत दिलाई। साल 2024 के लोकसा चुनाव में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने अकेले 240 सीटें प्राप्त की और NDA ने आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
2001 में बने गुजरात के सीएम
1975 में जब देश में आपातकाल की स्थिति आई तो उन्हें कुछ समय के लिए अज्ञातवास करना पड़ा। 1985 में वे बीजेपी से जुड़े और 2001 तक पार्टी पदानुक्रम के भीतर कई पदों पर कार्य किया, जहाँ से वे धीरे धीरे भाजपा में सचिव के पद पर पहुंचे गुजरात में साल 2001 (भुज में भूकंप) के बाद गुजरात के तत्कालीन सीएम केशुभाई पटेल के असफल स्वास्थ्य और खराब सार्वजनिक छवि के कारण नरेंद्र मोदी को 2001 में गुजरात के सीएम पद पर नियुक्त किया गया।
गुजरात में किया आर्थिक विकास
सीएम बने नरेंद्र मोदी जल्द ही विधायी विधानसभा के लिए चुने गए। 2002 के गुजरात दंगों में उनके प्रशासन को कठोर माना गया है, इस समय उनके संचालन की आलोचना भी हुई।
हालांकि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जाँच दल (एसआईटी) को अभियोजन पक्ष की कार्यवाही आरम्भ करने के लिए कोई प्रमाण नहीं मिला। गुजरात के सीएम के तौर में उनकी नीतियों को आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए श्रेय दिया गया।
लगातार 4 बार रहे गुजरात के मुख्यमंत्री
वे गुजरात राज्य के 14वें मुख्यमंत्री रहे। उन्हें उनके अच्छे कामों के कारण गुजरात की जनता ने लगातार 4 बार (2001 से 2014 तक) गुजरात का मुख्यमंत्री चुना। गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त श्री नरेन्द्र मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान वाइब्रेंट गुजरात और राज्य में बुनियादी ढांचे, बिजली, व सड़क सुधारों पर विशेष ध्यान दिया।
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