Lucknow Swine Flu Death: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक 337 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और राजधानी लखनऊ में संक्रमण से पहली मौत भी सामने आई है। इसके बाद अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। खास चिंता पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों को लेकर है, जहां नोएडा और गाजियाबाद समेत कई जगहों पर नए मामले सामने आ रहे हैं।

लखनऊ में इंदिरानगर की रहने वाली 50 वर्षीय महिला की इलाज के दौरान मौत हुई है। इसे राजधानी में स्वाइन फ्लू से हुई पहली मौत बताया जा रहा है। महिला के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी निगरानी की जा रही है।

यूपी में 337 मामले, नोएडा सबसे ज्यादा प्रभावित

स्वास्थ्य विभाग के 25 अगस्त तक के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में H1N1 के 337 मरीज मिल चुके हैं। इनमें गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है।नोएडा में कुल 120 मामले दर्ज किए गए हैं। खास बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या में मामले हाल के दिनों में सामने आए हैं। इसके चलते जिले में स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच बढ़ा दी है।गाजियाबाद में अब तक 9 मरीज मिले हैं, जबकि मेरठ में नए मरीज सामने आने के बाद कुल संख्या 7 हो गई है।

लखनऊ में 13 मामले, एक मरीज की मौत

राजधानी लखनऊ में अब तक स्वाइन फ्लू के 13 मामले सामने आए हैं। पिछले करीब एक महीने में तीन नए मरीज मिले हैं। इसी दौरान एक 50 वर्षीय महिला की संक्रमण के कारण मौत हुई है।मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने महिला के संपर्क में आए लोगों को ट्रेस करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों की कोशिश है कि संक्रमण किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचने से पहले संभावित मरीजों की पहचान कर ली जाए।

प्रयागराज और आगरा में भी बढ़ी निगरानी

स्वाइन फ्लू का असर केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। प्रयागराज में कौशांबी की एक महिला में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद निगरानी बढ़ाई गई है।वहीं आगरा में एक संदिग्ध मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में राज्य के अलग-अलग जिलों में बुखार और सांस से जुड़ी समस्या वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

सभी 75 जिलों के अस्पतालों को अलर्ट

मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अस्पतालों में आने वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं।खास तौर पर ऐसे मरीजों की जांच और निगरानी पर जोर दिया जा रहा है जिन्हें तेज बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी हो रही है। गंभीर सांस संबंधी संक्रमण यानी SARI के मरीजों की भी अलग से निगरानी की जा रही है।अस्पतालों में जरूरी दवाओं, ऑक्सीजन और आइसोलेशन की व्यवस्था पर्याप्त रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज में परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री ने भी की स्थिति की समीक्षा

राज्य में H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच मुख्यमंत्री स्तर पर भी स्थिति की समीक्षा की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखें।H1N1 संक्रमण के लक्षण कई बार सामान्य फ्लू या वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं। इसलिए लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

स्वाइन फ्लू के ये लक्षण दिखें तो रहें सावधान

  • तेज बुखार
  • लगातार खांसी
  • गले में खराश या दर्द
  • शरीर में ज्यादा कमजोरी
  • सांस लेने में परेशानी

अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें और हालत बिगड़ रही हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए साफ-सफाई और सावधानी सबसे अहम है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करें और हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोते रहें।अगर फ्लू जैसे लक्षण हैं तो दूसरों के संपर्क में आने से बचें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें। वहीं सांस लेने में ज्यादा परेशानी, लगातार तेज बुखार या हालत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।

Disclaimer: यह खबर उपलब्ध स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों और जारी जानकारी पर आधारित है। किसी भी बीमारी के लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लें।TNP News इसकी पुष्टि नहीं करता है।