नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को तेज हो गया। संसद से निर्वाचन सदन की ओर निकले विपक्षी सांसदों को पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद कई विपक्षी नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष अपना विरोध जारी रखेगा।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए, लेकिन उनके मुताबिक आयोग पर बीजेपी के पक्ष में काम करने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन कर रहा है और धरना जारी है।
अखिलेश यादव ने Form 7 को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर समाजवादी पार्टी और PDA समर्थकों के वोट हटाने के लिए बड़ी संख्या में Form 7 जमा किए। उन्होंने दावा किया कि एक मामले में 100 से ज्यादा फॉर्म जमा किए गए। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक दल की ओर से लगाए गए हैं।
राहुल गांधी बोले- विरोध के लिए दूसरी जगह दे पुलिस
INDIA ब्लॉक के मार्च को रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष यहां अपना विरोध जारी रखेगा। उन्होंने दिल्ली पुलिस से कहा कि अगर उसे यहां प्रदर्शन से परेशानी है तो प्रदर्शन के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाए।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल रखना चाहते हैं। वहीं, रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि उसे विपक्षी सांसदों की ओर से बैठक के लिए कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ था।
पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया
निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, अखिलेश यादव, टीएमसी नेताओं और कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बाद में आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और इलाके में निषेधाज्ञा लागू होने की भी रिपोर्ट सामने आई। प्रदर्शनकारी नेताओं की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों से जुड़ी रही।
बिनॉय विश्वम का ज्ञानेश कुमार पर हमला
इस बीच CPI नेता बिनॉय विश्वम ने भी CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और उन पर भ्रष्टाचार तथा अधिनायकवादी रवैये से जुड़े आरोप लगाए। विश्वम ने केरल में कुमार के पुराने कार्यकाल से जुड़े विजिलेंस मामले का भी जिक्र किया।
हालांकि, केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने स्पष्ट किया कि संबंधित मामला ज्ञानेश कुमार के मौजूदा पद से नहीं, बल्कि 2006 में केरल के PWD सचिव के रूप में उनके कार्यकाल से जुड़े आरोपों से संबंधित है। मामले में विजिलेंस जांच के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है।
SIR और वोटर लिस्ट को लेकर विवाद
विपक्ष का यह प्रदर्शन Special Intensive Revision (SIR) के तहत मतदाता सूची में संशोधन को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच हुआ है। विपक्षी दलों ने Form 6 में किए गए बदलावों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सवाल उठाए हैं।
वहीं, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है। इस पूरे विवाद के बीच INDIA ब्लॉक ने अपने आंदोलन को "Save Democracy" अभियान के तहत आगे बढ़ाने की बात कही है।
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