IIT Bombay Case: मुंबई पुलिस ने IIT-बॉम्बे के छात्र साहिल बाकोडे सुसाइड मामले में बड़ा खुलासा किया है। मामले की जांच के बीच पुलिस के हाथ परीक्षा हाल का सीसीटीवी फुटेज लगा, जो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो ने खुलासा कर दिया है। साहिल परीक्षा केंद्र में मोबाइल से नकल करते रंगे हाथों पकड़ा गया था, जिसके बाद प्रोफेसर ने उसकी आंसर शीट लेकर उसे बाहर निकाला था।
इस मामले को जातिगत भेदभाव देकर तुल देने का भी प्रयास किया गया। पुलिस ने परीक्षा केंद्र पर दबाव डालकर सीसीटीवी फुटेज को निकाला। वायरल वीडियो 18 सितंबर का है। पुलिस के मुताबिक इस वीडियो ने इस बात की पुष्टी कर दी है, कि साहिल ने इसी वजह से सुसाइड जैसा बड़ा कदम उठाया।
18 सितंबर की दोपहर किया था सुसाइड
IIT बॉम्बे में एक बार फिर से कक्षाएं शुरु हो गई है। वहीं मुंबई पुलिस द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे के सुसाइड केस की भी जांच जारी रखे हुए है। जांच के दौरान संस्थान के परीक्षा हॉल में छात्रों को कथित तौर पर दिखाने वाला एक सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह सीसीटीवी 18 सितंबर की दोपहर 12:37 बजे का है। जब परीक्षा हॉल में आगे बैठा सहिल दिखाई दे रहा है। लेकिन मुंबई पुलिस का कहना है कि अभी सीसीटीवी की जांच की जा रही है। छात्र की पहचान अभी साफ नहीं है कि हॉल से बाहर निकलने वाला छात्र दिवंगत साहिल वाकोडे है।
वायरल वीडियो ने परिस्थिति की साफ
दरअसल वायरल वीडियो घटनाक्रम साहिल की मौत से पहले की परिस्थितियों को लेकर चल रहे विवाद और प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला और अन्य लोगों के खिलाफ उनके परिवार द्वारा लगाए गए जाति-आधारित उत्पीड़न के आरोपों के बीच आया है। एक बयान में, जिसे बाद में वापस ले लिया गया, आईआईटी बॉम्बे ने दावा किया था कि साहिल वाकोडे परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा गया था और निरीक्षक प्रोफेसर दूल्ला द्वारा उसे समझाया गया था।
मुंबई पुलिस के मुताबिक
मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों में 18 सितंबर की दोपहर 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच परीक्षा हॉल में साहिल की गतिविधियां रिकॉर्ड हैं। परीक्षा समाप्त होने में लगभग 15 मिनट शेष रहने पर साहिल को अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखने के लिए झुकते हुए वीडियो में देखा जा सकता है। पुलिस के मुताबिक प्रोफेसर ने उससे पूछताछ की और उसे अन्य छात्रों से दूर ले गए। परीक्षा हॉल से निकलने के बाद, साहिल कैंपस में इधर-उधर घूमता रहा। दोपहर 1:25 बजे हॉस्टल के कमरे में पहुंचा। जहां वह कमरे से बाहर नहीं निकला।
एसीपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं जांच
जांच एसीपी रैंक के अधिकारी द्वारा डीसीपी डिटेक्शन ।, क्राइम ब्रांच के पर्यवेक्षण में की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अटकलें लगाने और जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचने का आग्रह किया है। आईआईटी-बॉम्बे ने साहिल की मौत से जुड़े हालातों की जांच के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया है।
प्रोफेसर दूल्ला को उनके प्रशासनिक दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है, जांच पूरी होने तक उन्हें छुट्टी पर भेज दिया गया है। इस बीच, प्रोफेसर डूला को कई वर्तमान और पूर्व सहयोगियों का समर्थन प्राप्त हुआ है, जिन्होंने संस्थान द्वारा उनके डीन पद को निलंबित किए जाने पर आपत्ति जताई है।
प्रोफेसर दूल्ला को किया जा रहा है मानसिक प्रताड़ित
आईआईटी-बॉम्बे के पूर्व बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष शरद कुमार सराफ का कहना है कि , प्रोफेसर दूल्ला पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। फिर भी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और अपराधी की तरह व्यवहार किया जा रहा है। जो बेहद निंदनीय है। वास्तव में, यह बहुत शर्मनाक और निंदनीय है। मैं प्रोफेसर दूल्ला को जानता हूं।
जाति को लेकर नहीं हुई कोई चर्चा
आईआईटी के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान, वे छात्र मामलों के डीन थे, हमारे सबसे ईमानदार प्रोफेसरों में से एक, एक उच्च सम्मानित, पुरस्कार विजेता प्रोफेसर। उन्होंने छात्रों के कल्याण के लिए कई पहल कीं। और उनके पूरे करियर में कभी भी किसी प्रकार का भेदभाव, जाति या ऐसा कुछ भी मामला सामने नहीं आया। इस मामले में जाति को लेकर कभी कोई चर्चा नहीं हुई।
परिवार ने उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव का लगाया आरोप
अब अचानक उनके माता-पिता ने उनकी मृत्यु के दो दिन बाद इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऊर्जा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल ने 18 सितंबर को आत्महत्या कर ली। उनके परिवार ने उत्पीड़न और जाति आधारित भेदभाव का आरोप लगाया है, जबकि संस्थान का कहना है कि परीक्षा संबंधी घटना की जांच चल रही है।
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