नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कॉकपिट में एक पायलट पर चाकू से हमला कर दिया गया। हमले में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार घायल हो गए। इसके बावजूद विमान को सुरक्षित रखने की कोशिश जारी रही और आखिरकार फ्लाइट की सऊदी अरब के तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। अब इस घटना के बाद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें घायल कैप्टन स्मित दर्द से परेशान नजर आ रहे हैं।

वीडियो में कैप्टन स्मित को यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'सिर बहुत दुख रहा है... दर्द हो रहा है।' इस दौरान आसपास मौजूद यात्री उनकी मदद करने की कोशिश करते हैं। एक यात्री उनसे कहता है कि तकिया लाकर दिया जाए। इस पर कैप्टन स्मित जवाब देते हैं, 'नहीं, मुझे सोना नहीं है।' इसके बाद वह अपने हाथ में दर्द होने की भी बात कहते हैं।

वीडियो में एक यात्री को उनके लिए पैनाडोल या पैरासिटामोल देने की बात करते हुए भी सुना जा सकता है। इसी दौरान यात्री कैप्टन स्मित की हिम्मत की तारीफ करते हुए कहते हैं कि उन्होंने विमान को बचा लिया। एक यात्री वीडियो में घटना को बताते हुए कहता है कि उन्हें किडनैप किया गया था और वे पायलट की रक्षा करने की कोशिश कर रहे थे। उसके मुताबिक, हमलावर ने पायलट को मारने की कोशिश की थी।

कॉकपिट में हुआ था चाकू से हमला
बताया जा रहा है कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान जब हवा में था, तभी कॉकपिट में हिंसक घटना हुई। एक सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़ा गया और तबूक में उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस घटना के बाद सामने आए वीडियो में कैप्टन स्मित के दर्द भरे शब्द उस खौफनाक घटना के बाद उनकी स्थिति का अंदाजा देते हैं। घायल होने के बावजूद उनका विमान को सुरक्षित रखने की कोशिश करना इस घटना का सबसे अहम हिस्सा रहा।

यूएई ने दिए जांच के आदेश
वहीं, इस मामले में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने जांच के आदेश दिए हैं। यूएई के अटॉर्नी-जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने फ्लाइट FZ1073 में हुई घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, जांच में घटना की परिस्थितियों और इसके पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा। अधिकारी इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं कि क्या घटना किसी आतंकवादी गतिविधि से जुड़ी थी या इसे पहले से योजना बनाकर अंजाम दिया गया था।

घटना के बाद विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ना पड़ा था। यूएई का कहना है कि विमान उसके देश में पंजीकृत है और उसके ध्वज के तहत संचालित होता है, इसलिए देश के कानून के तहत उसके न्यायिक अधिकारियों को इस मामले की जांच का अधिकार है, भले ही घटना उसकी सीमा के बाहर हुई हो।

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