नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट के अंदर हुई हिंसक घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। उड़ान के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया और विमान तेजी से नीचे जाने लगा। कुछ ही समय में विमान ने हजारों फीट की ऊंचाई गंवा दी। हालांकि, कैप्टन स्मित की सूझबूझ, यात्रियों के साहस और विमान में मौजूद अतिरिक्त क्रू की मदद से बड़ा हादसा टल गया। फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। विमान में 174 लोग सवार थे।
घटना के बाद इजरायल में इसे संभावित आतंकी हमले के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं UAE ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे क्या मकसद था और क्या इसका संबंध आतंकवादी गतिविधि से था। अभी जांच पूरी नहीं हुई है और हमले की अंतिम वजह सामने नहीं आई है।
इसे संभावित आतंकी हमला मानकर जांच होनी चाहिए
इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की पूर्व निदेशक हेलिट बारेल ने ANI से बातचीत में कहा कि इस घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जांच पूरी होने तक इसे संभावित आतंकी हमले के तौर पर देखना जरूरी है। बारेल ने यह भी सवाल उठाया कि कॉकपिट में इस्तेमाल किया गया हथियार विमान में कैसे पहुंचा। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कैप्टन पर हमला रेस्क्यू एक्स से किया गया या कोई चाकू बाहर से विमान में लाया गया था।
उन्होंने विमान में मौजूद एयरक्रू को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, 9/11 के बाद एयरपोर्ट और विमान सुरक्षा में यात्रियों की स्क्रीनिंग पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया गया, लेकिन इस घटना ने दिखाया है कि अगर किसी क्रू सदस्य के इरादे गलत हों तो खतरा अलग तरह का हो सकता है।
कॉकपिट का दरवाजा खोलना बना निर्णायक पल
इस पूरे घटनाक्रम में कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका सबसे अहम रही। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इजरायल की पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि अगर कैप्टन दरवाजा नहीं खोल पाते तो कुछ सेकंड की देरी भी हालात को पूरी तरह बदल सकती थी। पोर्टों के मुताबिक, विमान में कुछ अतिरिक्त/ऑफ-ड्यूटी पायलट भी मौजूद थे। यात्रियों और क्रू के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने विमान को संभाला और अंततः तबुक में सुरक्षित लैंडिंग कराई।
इजरायल के पूर्व प्रवक्ता ने बताया '9/11 जैसा खतरा'
इजरायल सरकार के पूर्व प्रवक्ता इलॉन लेवी ने भी घटना की गंभीरता को रेखांकित किया। ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि इजरायल इसे संभावित आतंकी हमले के रूप में देखता है और अगर कैप्टन स्मित और यात्रियों ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया होता तो बड़ी त्रासदी हो सकती थी। हालांकि, '9/11' से तुलना लेवी का आकलन है, जांच का निष्कर्ष नहीं। फिलहाल किसी जांच एजेंसी ने यह स्थापित नहीं किया है कि आरोपी का अंतिम उद्देश्य विमान को किसी इमारत से टकराना था। UAE की जांच अभी जारी है।
इजरायल के राजदूत ने भी की कैप्टन की तारीफ
भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। अजार के मुताबिक, यात्रियों और क्रू की संयुक्त कार्रवाई ने विमान को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद विमान सुरक्षा से जुड़े प्रोटोकॉल की समीक्षा की जानी चाहिए।
ओमानी नागरिक को-पायलट को लेकर भी उठे सवाल
घटना के बाद को-पायलट की पहचान और क्रू असाइनमेंट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में आरोपी को ओमान का नागरिक बताया गया है। इजरायली अधिकारियों की ओर से क्रू की नियुक्ति और तेल अवीव रूट पर उसकी तैनाती से जुड़े पहलुओं की जांच की बात सामने आई है। हालांकि, UAE, ओमान और फ्लाईदुबई की ओर से उसकी राष्ट्रीयता से जुड़ी सभी रिपोर्टों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इसी वजह से इस मामले में सोशल मीडिया या शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में सामने आ रही हर जानकारी को अंतिम तथ्य मानने से बचना जरूरी है। UAE के अटॉर्नी जनरल ने भी घटना से जुड़ी जांच के दौरान अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचने को कहा है।
कैप्टन स्मित की हालत स्थिर
गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छार का सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है। घटना के बाद भारत और इजरायल दोनों की ओर से उनकी बहादुरी की सराहना की गई है। कैप्टन स्मित के पास 13 साल से ज्यादा का कमर्शियल एविएशन अनुभव और करीब 9,750 फ्लाइंग ऑवर्स हैं। फ्लाईदुबई से पहले वह करीब 11 साल तक स्पाइसजेट के साथ काम कर चुके हैं और वहां लाइन ट्रेनिंग कैप्टन की भूमिका निभा चुके हैं।
फ्लाईदुबई ने इजरायल की उड़ानें रोकीं
घटना की जांच के बीच फ्लाईदुबई ने इजरायल आने-जाने वाली उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। एयरलाइन ने कहा है कि घटना के मूल कारणों की जांच जारी है और जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचना चाहिए। फिलहाल जांच के सामने कई सवाल हैं, कॉकपिट में हथियार कैसे पहुंचा, हमले का वास्तविक मकसद क्या था, क्रू की तैनाती के नियमों का पालन हुआ या नहीं और क्या इस घटना का कोई आतंकी कनेक्शन था। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।