अहमदाबाद: गुजरात के तट से दूर अरब सागर में ड्रग्स तस्करी के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और भारतीय तटरक्षक बल की कार्रवाई के बाद 5 पाकिस्तानी नागरिकों ने सरेंडर किया है। मामला करीब 3000 करोड़ रुपये की कीमत के ड्रग्स से जुड़ा बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को समुद्र के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधि की सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात ATS ने अरब सागर में संयुक्त कार्रवाई शुरू की। ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई और पाकिस्तानी नागरिकों से पूछताछ की गई।

कहां से आ रहा था ड्रग्स?

जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि करीब 3000 करोड़ रुपये का ड्रग्स आखिर कहां से लाया जा रहा था और इसे गुजरात के समुद्री रास्ते से कहां पहुंचाया जाना था? एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाल रही हैं।

गुजरात का समुद्री क्षेत्र पहले भी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के मामलों में सामने आता रहा है। अरब सागर के रास्ते पाकिस्तान और पश्चिम एशिया से भारत तक मादक पदार्थ पहुंचाने की कोशिशों के कई मामले सामने आ चुके हैं।

समुद्र के रास्ते तस्करी पर एजेंसियों की नजर

गुजरात ATS और भारतीय तटरक्षक बल समुद्री सीमा में संदिग्ध नावों और जहाजों पर लगातार निगरानी रखते हैं। खुफिया इनपुट मिलने पर समुद्र में तलाशी और इंटरसेप्शन ऑपरेशन चलाए जाते हैं।

फरवरी 2026 में भी गुजरात ATS और भारतीय तटरक्षक बल ने अरब सागर में एक विदेशी नाव को रोककर करीब 203 किलो संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद किया था। इस कार्रवाई में विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया था और पदार्थ को जांच के लिए भेजा गया था। 

अब आगे क्या होगा?

5 पाकिस्तानी नागरिकों से पूछताछ के जरिए एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि ड्रग्स की सप्लाई चेन में उनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हैं। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि खेप कहां से रवाना हुई थी, इसे किस जगह पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा था।

फिलहाल मामले में जांच जारी है। एजेंसियों की जांच के बाद ही ड्रग्स के स्रोत, इसकी अंतिम मंजिल और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में स्थिति और स्पष्ट होगी।

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