देश
E20 Petrol Controversy: पेट्रोल में एथेनॉल मिलावट फिलहाल ट्रायल फेज में, अगले साल आएंगे नतीजे: सुप्रीम कोर्ट में E20 पर सरकार ने और क्या कहा?
भारत ने पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य तय समय से लगभग 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है। इसके बाद तेल कंपनियों ने 1 अप्रैल से देशभर में एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) की आपूर्ति शुरू कर दी है।
केंद्र सरकार ने 30 जून को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल (E20) मिलाने का प्रयोग जारी है और इसके परिणाम अगले वर्ष तक सामने आने की उम्मीद है। सरकार का यह बयान ऐसे समय आया है जब E20 पेट्रोल को लेकर देश में बहस तेज है और आशंका जताई जा रही है कि इससे पुरानी गाड़ियों को नुकसान हो सकता है। सरकार ने कोर्ट में कहा कि अब तक ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो कि E20 पेट्रोल से वाहनों को मैकेनिकल नुकसान होता है। साथ ही इसे ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय और पर्यावरण के लिए लाभकारी नीति बताया गया। यह टिप्पणी अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।
BPCL की याचिका पर हुई सुनवाई
कर्नाटक हाई कोर्ट ने 23 जून के आदेश में तेल कंपनियों—BPCL, HPCL और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC)—को निर्देश दिया था कि वे निविदा को अंतिम रूप देने से पहले एक डिस्टिलरी के आवेदन पर विचार करें, जिसमें एथेनॉल आवंटन बढ़ाने की मांग की गई थी। इसके बाद भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि हाई कोर्ट का यह आदेश सरकार के पेट्रोल में 20 % एथेनॉल मिश्रण (E20) के व्यापक नीतिगत लक्ष्य को प्रभावित कर सकता है। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि सरकार 20% एथेनॉल मिश्रण के प्रयोग पर काम कर रही है और इसके परिणाम अगले वर्ष तक सामने आएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि BPCL ने पहले कर्नाटक हाई कोर्ट की खंडपीठ में अपील क्यों नहीं की। इस पर अटॉर्नी जनरल ने बताया कि एथेनॉल आपूर्ति अनुबंध अक्टूबर 2025 में पहले ही अंतिम रूप दिए जा चुके हैं और देशभर के कई हाई कोर्ट में इससे जुड़े मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अलग-अलग अदालतों में सुनवाई से राष्ट्रीय नीति प्रभावित हो सकती है। साथ ही उन्होंने ट्रांसफर पिटीशन दायर करने की अनुमति मांगी, यह तर्क देते हुए कि अक्टूबर में होने वाले एथेनॉल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल से पहले इस मामले का निपटारा जरूरी है।
सरकार के 2030 के टारगेट?
भारत ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य तय, समय से 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है। सरकार के अनुसार, यह उपलब्धि पिछले वर्ष ही पूरी हो चुकी है। इसके बाद तेल कंपनियों ने 1 अप्रैल से पूरे देश में एथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल (E20) की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस नीति का उद्देश्य देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना और आयात पर निर्भरता कम करना बताया गया है। अब सरकार ने आगे का लक्ष्य तय करते हुए 2030 तक पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को बढ़ाकर 30% (E30) करने की योजना बनाई है।
Written By: Archana Gupta
आपके दिए हुए प्रोफाइल को **राजीव सिंह** और **TNP News** के अनुसार ढालकर, NBT/Times of India से जुड़े संदर्भ हटाकर इस तरह किया जा सकता है: ## राजीव सिंह, TNP News में एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। राजीव सिंह TNP News में एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज और रिसर्च आधारित खबरों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस, राजनीति, सामाजिक मुद्दों और एंटरटेनमेंट समेत विभिन्न कैटेगरी की खबरों से जुड़े होते हैं। किसी भी विषय पर स्टोरी तैयार करते समय शरद दीक्षित रिसर्च, डीप डाइव, फैक्ट चेक, वैल्यू एड और विशेषज्ञों की राय को विशेष महत्व देते हैं। TNP News के लिए वे महत्वपूर्ण और चर्चित मुद्दों पर विश्लेषणात्मक एवं रियल टाइम स्टोरीज तैयार करते हैं। उनका फोकस किसी भी खबर को केवल प्रस्तुत करने के बजाय उसके पीछे की पूरी कहानी, तथ्यों और उसके संभावित प्रभाव को पाठकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाने पर रहता है। राजीव सिंह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन की खबरों पर लगातार नजर रखने का अनुभव है। किसी भी खबर पर उनकी पहली प्राथमिकता तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी होती है। इसके बाद वे यह समझने पर जोर देते हैं कि उस खबर का समाज, राजनीति, अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। ### पत्रकारिता का अनुभव राजीव सिंह ने पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग, इंटरव्यू, रिसर्च, डिजिटल कंटेंट और स्पेशल स्टोरीज जैसी विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। अपने पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने समाचारों के पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ डिजिटल पत्रकारिता की बदलती जरूरतों और नई तकनीकों को भी करीब से समझा है। उन्होंने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों को कवर करने के साथ-साथ राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव, सामाजिक विषयों, प्रशासनिक मुद्दों और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। TNP News में राजीव सिंह का प्रमुख फोकस रिसर्च आधारित पत्रकारिता, एक्सप्लेनर स्टोरी, डीप डाइव, स्पेशल स्टोरी और तथ्यपरक विश्लेषण पर है। उनका प्रयास रहता है कि जटिल और महत्वपूर्ण विषयों को आसान भाषा में इस तरह प्रस्तुत किया जाए कि पाठक खबर के साथ-साथ उसके कारण, प्रभाव और पूरे संदर्भ को भी समझ सके। ### पत्रकारिता का दृष्टिकोण राजीव सिंह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीति, बिजनेस, सामाजिक मुद्दों और डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड पर उनकी लगातार नजर रहती है। वे खबर के तत्काल प्रभाव के साथ-साथ उसके दीर्घकालिक प्रभाव को भी समझने और पाठकों के सामने रखने पर जोर देते हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि पाठकों को **खबर के पीछे की कहानी, तथ्य और उसका असर** समझाना है। ### TNP News में भूमिका TNP News में राजीव सिंह एक्सप्लेनर, स्पेशल स्टोरीज, डीप डाइव और रिसर्च आधारित कंटेंट के साथ काम कर रहे हैं। वे महत्वपूर्ण घटनाओं और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रियल टाइम एक्सप्लेनर और विश्लेषणात्मक स्टोरी तैयार करने के साथ डिजिटल ऑडियंस की जरूरतों के अनुसार कंटेंट को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी बनाने पर ध्यान देते हैं। TNP News के माध्यम से उनका प्रयास ऐसी पत्रकारिता को आगे बढ़ाना है जिसमें **तथ्य, रिसर्च, निष्पक्ष विश्लेषण और जनसरोकार** को प्राथमिकता मिले।