Delhi Winter Action Plan: दिल्ली सरकार ने सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार मिलकर पूरे दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम करने के लिए काम कर रही हैं। इस योजना में वाहनों, निर्माण गतिविधियों, सड़क की धूल और ट्रैफिक पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

1 अक्टूबर से बिना PUCC नहीं मिलेगा फ्यूल

सरकार ने नो PUCC, नो फ्यूल अभियान को और सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। 1 अक्टूबर से ANPR सिस्टम वाले 500 पेट्रोल पंपों पर वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं होने पर पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। तय उम्र पूरी कर चुके वाहनों को भी ईंधन नहीं दिया जाएगा।

1 नवंबर से बाहरी गाड़ियों पर भी सख्ती

1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI से कम मानक वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों की एंट्री पर रोक लगेगी। हालांकि CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को इस नियम से छूट मिलेगी।वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 1 नवंबर से सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम या सप्ताह में दो दिन WFH लागू किया जाएगा।साथ ही कार्यालयों का समय भी बदला जाएगा। MCD कार्यालय: सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक व दिल्ली सरकार के कार्यालय: सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक

पार्किंग होगी महंगी

निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा। हालांकि मेट्रो पार्किंग पर यह बढ़ोतरी लागू नहीं होगी।सरकार ने निर्माण गतिविधियों पर भी सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। वहीं 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाले तोड़फोड़ और खुले निर्माण कार्य बंद रहेंगे। और 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी।इसके अलावा सभी निर्माण स्थलों पर 100 फीसदी CCTV निगरानी अनिवार्य कर दी गई है।

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा

सरकार का लक्ष्य लोगों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।फिलहाल दिल्ली में 6,840 बसें चल रही हैं।इनमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें हैं। सरकार का लक्ष्य मेट्रो की रोजाना सवारी 72 लाख और DTC की 42 लाख तक पहुंचाने का है। 1 से 10 अक्टूबर तक दिल्ली मेट्रो सारथी ऐप को भी बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलेगा।

सड़क की धूल और हॉटस्पॉट पर निगरानी

सरकार करीब 3,000 किलोमीटर सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य लेकर चल रही है। इनमें से 1,193 किलोमीटर पर काम पूरा हो चुका है।इसके अलावा 98 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें दो शिफ्ट में काम करेंगी। इसके अलावा पानी का छिड़काव और डीप क्लीनिंग बढ़ाई जाएगी।खाली जमीनों पर हरियाली बढ़ाई जाएगी।37 प्रदूषण हॉटस्पॉट की हर सप्ताह जांच होगी।AI कंट्रोल सेंटर और 334 टीमें रहेंगी सक्रिय1 अक्टूबर से AI आधारित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पूरी तरह काम शुरू कर देगा। इसके साथ 334 प्रवर्तन टीमें दो शिफ्ट में निगरानी करेंगी।लोग ग्रीन दिल्ली ऐप के जरिए प्रदूषण से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और सुझाव भी दे सकेंगे।

उद्योगों पर भी कार्रवाई

सरकार ने बताया कि 11,271 औद्योगिक इकाइयों के सर्वे के बाद 2,283 प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को सील या बंद किया जा चुका है। साथ ही वाहन स्क्रैपेज और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए परिवर्तन योजना और EV Policy 2026 के तहत प्रोत्साहन जारी रहेगा।