दिल्ली: दिल्ली के सरिता विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत मदनपुर खादर इलाके से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता की रहस्यमयी और गंभीर परिस्थितियों में मौत हो गई है। शादी के महज 1 से 2 साल के भीतर ही कथित पारिवारिक कलह और मानसिक प्रताड़ना के बाद हुई इस मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, और इस पूरे मामले में पारंपरिक दहेज के अलावा 31 लाख रुपये के बड़े लेन-देन का विवाद भी मुख्य वजह बनकर सामने आ रहा है।
विदेश भेजने के नाम पर लिए 31 लाख रुपये
बता दें कि गाजियाबाद की रहने वाली अशुं की शादी फरवरी 2024 में जसोला गांव के तरुण से हुई थी। वही शादी के महज कुछ महीनों बाद से ही दोनों के बीच बहस शुरु हो गई थी। जिसके बाद अनु को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा वही परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष द्वारा बेटी के साथ कई बार मारपीट भी की गई। हालांकि इस मामले में जनवरी 2026 में विदेश भेजने के नाम पर 31 लाख रुपये से जुड़ी बात भी सामने आई।
18 फरवरी 2024 को हुई थी शादी
FIR के मुताबिक, अनु की शादी 18 फरवरी 2024 को दिल्ली के जसोला गांव निवासी तरुण से हुई थी। अनु की मां उषा की ओर से दी गई शिकायत में शादी से जुड़ी कई बातें बताई गई हैं। परिवार के अनुसार, शादी में करीब 30 से 35 लाख रुपये खर्च किए गए थे।वहीं शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद कुछ समय तक सब सामान्य रहा, लेकिन बाद में अनु को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
माँ को सुनाई आपबीती, फिर मौत
पुलिस को दिए बयान के मुताबिक, 21 सितंबर को अंशू की अपनी मां उषा से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान अंशू ने कथित तौर पर बताया कि उसकी सास ने उससे काफी झगड़ा किया और उसके साथ मारपीट भी की।
मां के मुताबिक, बातचीत के कुछ देर बाद अंशू ने फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद अंशू के पिता राकेश कुमार ने ससुराल पक्ष के रिश्तेदार सुरेश को फोन किया। आरोप है कि सुरेश ने परिवार को बताया कि अंशू को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही परिवार जब अस्पताल पहुंचा तो वहां उन्हें अंशू की मौत की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत कर ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विदेश भेजने के लिए लिया 31 लाख का लोन
अंशू की मां उषा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जनवरी 2026 में उनके दामाद तरुण को विदेश भेजने के लिए परिवार ने बैंक से 31 लाख रुपये का लोन कराया था। इस लोन में अंशू के पिता राकेश कुमार को गारंटर बनाया गया था। परिवार के मुताबिक, तरुण को विदेश भेजने के लिए इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था की गई थी। अब अंशू की मौत के बाद यह आर्थिक पहलू भी मामले की जांच का हिस्सा बन गया है। पुलिस यह पता लगाएगी कि 31 लाख रुपये का लोन किस उद्देश्य से लिया गया, रकम का इस्तेमाल किस तरह हुआ और इसका अंशू से जुड़े विवाद से कोई संबंध था या नहीं।
BNS की इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
मामले में सरिता विहार थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 80, 85 और 3(5) के तहत FIR दर्ज की है। मामले की जांच इंस्पेक्टर मंजूषा बंचहोरे को सौंपी गई है। अब जांच के दौरान पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ अनु की मौत की परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही हैं । पुलिस यह भी देखेगी कि कथित दहेज प्रताड़ना, 31 लाख रुपये से जुड़ी बात और मौत के बीच क्या संबंध था।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि शादी के बाद आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामला विवाहिता की मौत तक पहुंच गया? 30-35 लाख रुपये खर्च कर हुई शादी, उसके बाद दहेज प्रताड़ना के आरोप और फिर विदेश भेजने के नाम पर 31 लाख रुपये का जिक्र—FIR में दर्ज ये सभी बातें अब पुलिस जांच का हिस्सा हैं।
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